निकलेगा उम्मीद का सूरज

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जो कभी नही देखा था
वह सब देखना पड़ा
इस 2020 के साल में
कोरोना को झेलना पड़ा
जीवन भारी सा हो गया
कई अपनो को ले गया
सबके सब अछूत हुए
हाथ मिलाना पाप हुआ
गले लगाना अभिशाप हुआ
चेहरा मास्क में ढक गया
पहचानना मुश्किल हो गया
मेले सब इतिहास हो गए
शादियां सादगी में बदल गई
शानाओशोकत ढ़ल गई
घरों में रहने को विवश हुए
लॉक डाउन से आहत हुए
रोजी -रोटी सब चली गई
जिंदगी जैसे छली गई
कमाने का ज़रिया नही
वक्त रहा बढ़िया नही
कोरोना हमे डराता रहा
अपनो से दूर करता रहा
सावधानी ही बचाव रही
सेनेटाइजर ही छाई रही
बीस सेकंड हाथ धौना
दो गज की दूरी बनाना
यही सब हम करते रहे
नो माह तक चलते रहे
किसान भाई नाराज़ रहे
सड़को पर ही पड़े रहे
न्याय उन्हें मिला नही
कानून वापस हुआ नही
संघर्ष में वक्त बदल गया
2020 से 2021 आ गया
इस साल में यह सब न हो
यही संकल्प लेना होगा
उम्मीद का सूरज आएगा
दुःख सारे हर ले जाएगा
खुशियो की बरसात होगी
सबसे दिल की बात होगी
सब अच्छा ही होता रहे
यही शुभकामनाएं है
2021 की मंगलकामनाएं है।
डॉ श्रीगोपाल नारसन एडवोकेट
,रुड़की (उत्तराखंड)

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।