
अमृत बेला मे अमृत बरसता
इस घड़ी को देव भी तरसता
यह घड़ी है परमात्म बच्चों की
परमात्मा से होती बात बच्चों की
जो उठता है इस शुभ घड़ी मे
परमसुख मिलता इस घड़ी मे
दो से पोने पांच तक अमृत बेला
इसके बाद हो जाता है सवेरा
अमृतबेला मे प्रभु ध्यान करो
जीवन मे अपने सुधार करो
जीवन के संकट दूर हो जाएंगे
परमात्म कृपा से सुख पाओगे।
श्रीगोपाल नारसन

