
इक चिड़िया बोली बच्चों से,
क्यूँ करते हो इतनी शैतानी।
माँ बापू किसी की न सुनते,
करते हो तुम सब मनमानी।।
इक बात तुम मेरी मान भी लो,
स्कूल जाकर नया ज्ञान भी लो।
सब गूढ़ रहस्य तुम जान भी लो,
जीवन पथ को पहचान भी लो।।
स्कूल के महत्व को तुम लो जान,
स्कूल में होते हैं शिक्षक महान।
देते हैं हम सबको सच्चा ज्ञान,
जिससे मिलती है हमें पहचान।।
जल्दी जाकर नाम लिखाओ,
सब बच्चे रोज स्कूल जाओ।
मेहनत से सब पढ़- लिखकर,
शिक्षित समृद्ध भारत बनाओ।।
रचयिता
नवनीत शुक्ल(शिक्षक)
रायबरेली, (उत्तर प्रदेश)

