डाॅ मसानिया पर दोहे

दशरथ कवि मसानिया, आगर करते वास।
लेखन की अद्भुत कला,दृष्टि जिनके पास।।1
सन छाछठ का जनम है,त्रिभाषा को ज्ञान।
हिन्दी शोध प्रबंध लिखा,डाॅक्टर की पहिचान।।2
बैजनाथ महिमा रची,लिखते भाषा सूत्र।
जटिल प्रणाली की सरल,बच्चों के बन मित्र।।3
बेटी चिरैया उड़ रहि,बेटी मोर विशेष।
बेटी शंख बजा रही, जीवन का संदेश।।4
कबिरा की वाणी बने ,रचकर भजनामृत।
महापुरुष प्रेरक बने,उनका लिखा चरित्र।।5
गणित ज्ञान को गाइये,प्हाडे का हो ज्ञान।
परिभाषा अवधारणा,सूत्र सरल पहिचान।।6
मेक इंगलिश ईजियर,अंगरेजी का कोष।
मालवी की कहावतें,नही रहा है दोष।।7
चालीसा सम्राट हैं, दस रस की है खान।
राज्यपाल सम्मान से,शिक्षक पाया मान।।8
नवाचार अरु शोध की तिरवेणी पहिचान।
अद्भुत संग्रह से बनी,पुस्तक भई महान।।9
कविवर मेरा आपको,कोटि कोटि आभार।
पंक्ति बद्ध संचित किये,भाषा नव आचार।। 10

श्याम माहेश्वरी
ग्राम——-
जिला राजगढ़

matruadmin

Next Post

पुस्तक बोली

Wed Sep 23 , 2020
एक पुस्तक बोली बच्चों से, जितना मुझे पढ़ जाओगे। उतने ही गूढ़ रहस्य मेरे, बच्चों तुम समझ पाओगे।। मुझमें छिपे रहस्य हजारों, सारे भेद समझ जाओगे। दुनियाँ के तौर-तरीकों से, तुम परिचित हो जाओगे।। मुझे ही पढ़कर कलाम ने, पाया है जग में सम्मान। नित अध्ययन कर मेरा, विवेकानंद बने […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।