कवि नरेन्द्रपाल जैन राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष

इंदौर ।

हिन्दी भाषा को राष्ट्रभाषा बनाने के लिए कार्यरत संस्था ‘मातृभाषा उन्नयन संस्थान’ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ की अनुशंसा पर संस्थान के राष्ट्रीय सचिव गणतंत्र ओजस्वी ने राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष हेतु ऋषभदेव निवासी नरेंद्रपाल जैन को प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है।
श्री जैन हिन्दी कवि सम्मेलनों में गीतों का उत्कृष्ट सृजक हैं एवं जैन कवि संगम के अध्यक्ष भी हैं। साथ ही, राजस्थान में रहकर उम्दा साहित्य सृजन व हिन्दी प्रचार हेतु सक्रिय हैं।कई संस्थाओं में दायित्व निर्वहन के बावजूद भी सतत साहित्य साधना व हिंदी प्रचार के लिए कार्यरत हैं।
आपने कई पुस्तकें लिखी हैं साथ ही, पत्र-पत्रिकाओं में नियमित लेखन में सक्रिय भी हैं।
वर्तमान में नरेंद्र पाल जी हिन्दी प्रचार हेतु समग्र राजस्थान प्रान्त में आंदोलन का सञ्चालन करेंगे, साथ ही, प्रदेश भर में ‘हस्ताक्षर बदलो अभियान’ एवं हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने हेतु जनसमर्थन अभियान का संचालन करेंगे। मातृभाषा उन्नयन संस्थान हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने के दायित्व के साथ-साथ भारत के समस्त भाषाओं का हिन्दी भाषा के साथ समन्वय स्थापित करने की दिशा में भी कार्य कर रहा है। नरेंद्र पाल जैन की नियुक्ति पर संस्थान की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ, नीना जोशी जी, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष शिखा जैन, राष्ट्रीय कार्यकारणी सदस्य मुकेश मोलवा, भावना शर्मा, नितेश गुप्ता, सपन जैन काकड़ीवाला आदि हिंदी-योद्धाओं द्वारा बधाइयाँ प्रेषित की गईं।

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संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।