सखी साहित्य मे अं कविसम्मेलन संपन्न

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श्री गणेश चतुर्थी के पावन पर्व पर सखी साहित्य परिवार की राष्ट्रीय अध्यक्ष आ दीपिका सुतोदिया जी एवं राष्ट्रीय महासचिव आनंद अमित जी के दिशा निर्देश में एक सफलतम अंतर्राष्ट्रीय ऑनलाइन काव्य गोष्ठी का आयोजन सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अमेरिका से श्री अनूप अलग जी थे। विशिष्ट अतिथि के रूप में मास्को से सुशील आज़ाद जी व मुंबई से इंजीनियर वेद प्रकाश प्रजापति जी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीमती रुनु बरुआ जी ने और संचालन दीपाली सोढ़ी जी ने किया। कार्यक्रम की सूत्रधार असम प्रान्त अध्यक्ष ममता गिनोड़िया जी , थी । सखी साहित्य परिवार की पूरी टीम ने इस आयोजन को मिलकर सफल बनाया। इस अंतर्राष्ट्रीय ऑनलाइन कवि सम्मेलन में ..अलका ‌जैन‌ मुंबई
सरिता सिह ‘स्नेहा’ जोरहाट
माया बदेका उज्जैन
महेश मनुका आसाम
संजय जैन मुम्बई
सुशील कुमार आजाद मास्को
अनिता मंदिलवर सपना छतीसगढ़
शोभा रानी तिवारी इंदौर
जयश्री जी जोरहाट
अनूप ‘अलग’ यू एस ए
वाणी बरठाकुर तेजपुर
ममता गिनोडिया मुग्धा जोरहाट
निशा अतुल्य देहरादून
डा.रुनु बरुवा रागिनी जोरहाट
धनेश्वरी देवागँन धरा रायगढ़
आनन्द अमित योगी वाराणासी
वेद‌ प्रकाश वेद मुबई
आशा दिनकर ‘आस’,दिल्ली
एकता डांग अम्बाला
सौम्या अग्रवाल
अर्चना पाठक
हरि‌ प्रकाश गुप्ता छतीसगढ़
निक्की शर्मा रशिम
शगुफ़्ता यास्मीन क़ाज़ी नागपुर
पूजा‌ अग्रवाल गुवहाटी
विनोद कुमार हसौड़ा
रेखा बोरा लखनऊ
ममता रानी तिवारी
रूपेश कुमार विहार
बिमला शर्मा आसाम
भारत भूषण जी करनाल
मानिकदास जी छत्तीसगढ़
डा.दीपिका‌ सुतोदिया गुवाहाटी
दीपाली ‌सोढी गुवाहाटी कवि/कवयित्रियों ने काव्य पाठ किया।
दो दिन चले इस अंतर्राष्ट्रीय ऑनलाइन कवि सम्मेलन के अंत में असम प्रदेश की महासचिव बिमला जी ने सभी का धन्यवाद और आभार प्रकट किया। सभी कलाकारों ने कार्यक्रम की भूरी भूरी प्रशंसा की हर्षोल्लास से कार्यक्रम संपन्न हुआ।

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संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।