फागण प्रतिस्पर्धा के परिणाम

फागण प्रतिस्पर्धा के परिणाम 
भाषासारथी मित्रों,

सभी का अभिनंदन और स्पर्धा में प्रतिभागी होने के लिए धन्यवाद।
आपको बताते हुए प्रसन्नता है कि, *मातृभाषा.कॉम* हिन्दी पोर्टल द्वारा गत दिनों आयोजित ‘फागण’ स्पर्धा के सभी विजेताओं के नाम घोषित किए जा रहे हैं।
बड़ी खुशी की बात है कि, *मातृभाषा.कॉम* हिन्दी पोर्टल को बहुत कम समय में ही स्पर्धा के लिए ३५ से अधिक रचनाएँ प्राप्त हुई। कुछ का स्तर और भाषा मानक से भी निम्न होने की हालत में उन्हें पोर्टल पर प्रकाशित नहीं करते हुए स्पर्धा में भी नहीं लिया गया। सभी प्रकाशित रचनाओं में से निर्णय करने की जिम्मेदारी वरिष्ठ कवि श्री प्रदीप कांत जी(पोर्टल पर रचनाकार,पर स्पर्धा में शामिल नहीं।)ने निभाई है। काव्य में
कथा,शिल्प,कथ्य,कसावट और प्रवाह को देखते हुए स्पर्धा के विजेता निम्न हैं-
*प्रथम*-प्रीति दुबे,छिंदवाड़ा
*द्वितीय*-हनीफ खान,शमशाबाद

*विशेष पुरस्कार(२*)
#शशांक दुबे,छिंदवाड़ा
#नेहा लिम्बोदिया,इंदौर
💐पुरस्कार राशि और सम्मान-पत्र की सूचना सभी विजेताओं को पोर्टल द्वारा तथा व्यक्तिगत रुप से भी दी जाएगी।
सभी को बधाई-शुभकामनाएँ।💐
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🍀अर्पण जैन ‘अविचल’
🔳संस्थापक-मातृभाषा.कॉम(हिन्दी पोर्टल)9893877455

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संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।