
संस्कार प्रेम है।
संस्कार अनुशासन है।
संस्कार शीतलता है।
संस्कार आदर सिखाता है।
संस्कार से सुविचार आते है।
संस्कार झुकना सिखाता है।
संस्कार क्रोध मिटाता है।
संस्कार आँसू धो देता है।
संस्कार अहंकार मिटाता है।
संस्कार हमारी संस्कृति है।
#रूपेश कुमार

