अपने कर्तव्य

सपना बाजार कुछ सामान लेने पहुँची। उसने दुकानदार को लिस्ट थमा दी और वो भी एक एक के समान निकालने में व्यस्त हो गया।
समान देकर उसने मूल्यसूची सपना को पकड़ा दी… जब तक पैसे की लेनदेन कर सपना व्यवस्थित हुई तब तक दुकानदार ने एक पॉलीथिन थैली में समान समेत पकड़ाते हुए कहा– मैडम!!!! ये लीजिए समान, पर कोई रास्ते में पूछे तो कहिएगा ये पॉलिथीन थैली मैं घर से लाई!!

सपना-क्यों, क्यों भाई, मैं ऐसा क्यूँ कहूँ??????

मैडम!! मेरी दुकान का चालान कट जाएगा ….
सपना–तो क्या आप ये नहीं जानते कि यदि मैं कहूँगी की पॉलिथीन थैली मेरी है तो फिर चालान मेरा भी कट सकता है…. ये कहते हुए उसने अपने पर्स से कपड़े का थैला निकाल कर दुकानदार को दे दिया…. लीजिए इसमें शिफ्ट कीजिये सामान

सपना— क्या हम सिर्फ चालान के डर से पॉलिथीन थैलियाँ प्रयोग न करें!! या इनसे होने वाले नुकसान को ध्यान में रखकर यह कर्तव्य निभाएं।
सरकार की सख्ती से नहीं, हमें खुद अपने आप से सख्ती से निपटने की आवश्यकता है…. अपने और अपने बच्चों के भविष्य के लिए

आप भी थोड़े से मुनाफे के लिए प्रतिबंधित थैलों का उपयोग बन्द करें… देश हित में
भागीदारी निभायें।
दुकानदार सपना को यूँ देख रहा था ज्यूँ सपना किसी दूसरे ग्रह से आया प्राणी हो।
#रजनी रामदेव
न्यू दिल्ली

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फूलों की कहानी कलियों ने लिखी। आसमान की कहानी सितारों ने लिखी। नदियों की कहानी उसके जल ने लिखी। इन्सान की कहानी खुद इंसान ने लिखी। इसलिए वो बना बटी सी लगती है।। फूल खिलकर भी उदास है। समुद्र को आज भी पानी की प्यास है। हम क्यो औरो की […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।