राष्ट्रीय संगोष्ठी में रचना प्रतिभा सम्मान से सम्मानित हुए प्रमोद सोनवानी

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रायगढ़।

अंतर्राष्ट्रीय साहित्य संस्था “मंजिल ग्रुप साहित्य मंच” – नई दिल्ली के बैनर तले तहसील घरघोड़ा के प्राचीन बैगिन डोकरी मन्दिर प्रांगण में गत् दिवस एक भव्य राष्ट्रीय साहित्य संगोष्ठी का आयोजन किया गया ।
इस संगोष्ठी के प्रमुख अतिथि दिल्ली से पधारे मगसम के राष्ट्रीय संयोजक व ख्यातिलब्ध साहित्यकार डॉ. सुधीर सिंह ‘सुधाकर’ जी थे ।
आयोजित राष्ट्रीय साहित्य संगोष्ठी में तमनार , पड़िगाँव निवासी बाल साहित्यकार प्रमोद सोनवानी पुष्प को बाल साहित्य लेखन – सृजन हेतु “रचना प्रतिभा सम्मान – 2019” से सम्मानित किया गया।
उक्त प्रद्दत सम्मान के तहत पुष्प को अलंकरण वस्त्र , अलंकरण पट्टी , साहित्य व सम्मान पत्र अतिथियों के करकमलों से प्रदान किया गया ।
काव्यपाठ के क्रम में प्रमोद सोनवानी ने माँ के ऊपर केन्द्रित व बालमन को समर्पित बाल कविता “बचपन खोने न दें” शीर्षक से सस्वर पाठ करके खूब वाहवाही व तालियाँ बटोरे ।
प्राप्त सम्मान हेतु बाल साहित्यकार प्रमोद को डॉ. सुधीर सिंह जी , वकिल शंखदेव मिश्रा जी , डॉ. दिलीप गुप्ता जी , व्याख्याता संजय बहिदार जी , प्रधान अध्यापिका रूखमणी राजपूत जी , समाज के जिला अध्यक्ष बाबा गंगाधर दास जी , पत्रकार प्रताप नारायण बेहरा जी , श्रवण चौहान जी व कृषि विस्तार अधिकारी संतोष पैंकरा जी ने आशीर्वाद स्वरूप बधाई दिये हैं ।
आदर्श व पृथक ढंग से आयोजित उक्त साहित्यिक कार्यक्रम क्षेत्र में चर्चित है ।
इस कार्यक्रम में गणमान्यों के साथ साथ आमजनों की उपस्थिति सराहनीय रही ।
ज्ञातव्य हो कि , उक्त आयोजन भारत के साथ – साथ विश्व के लगभग 27 देशों में संचालित हो रही है ।

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।