हमारी बात कर लिया करो


हमारी बात कर लिया करो,
मिलने के संदर्भ हों या बिछुड़ने के,
पूजा-पाठ का सिलसिला हो या टहलने का,
ज्ञात कहानी हो या अज्ञात ,
चलने की बात हो या रूकने की,
शब्दों से कहना हो या मौन से,
बचपन के किस्से हों या जवानी के
लड़ाइयों का होन हो या विलुप्त होना,
दुनिया के इस भाग में हों या उस भाग में,
कभी हमारी बात कर लिया करो।
सोचने की मुद्रा में हों या शून्यता की,
संस्कृति बना रहे हों या मिटा रहे हों,
दयावान बन रहे हों या क्रूर,
भव्य लग रहे हों या दिव्य,
हमारा परिणाम जान लिया करो।
कहीं गा रहे हों या सो रहे हों
जंगल में हों या गाँव-शहर में,
मुस्कान में प्रस्फुटित हो रहे हों या हँसी में फूट रहे हों,
महक रहे हों या भिनभिना रहे हों,
घर पर हों या धूप में तप रहे हों,
कभी हमारी पूछताछ कर लिया करो।

#महेश रौतेला

matruadmin

Next Post

हम सब जैन है

Sat Aug 31 , 2019
मेरा कर्मा तू, मेरा धर्मा तू, मेरा जैनधर्म,सब कुछ है तू। हर कर्म अपना करेंगे, जैन धर्म के अनुसार। जैनकुल में जन्म लिया है, जैनी होने का अभिमान। हम जीयेंगे हम मरेंगे, जैन धर्म के अनुसार। जैनकुल में जन्म लिया है, जैनी होने का अभिमान।। तू में कर्मा, तू मेरा […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।