साहित्यकार डाँ छगन लाल गर्ग विज्ञ सम्मानित

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देश की अग्रणी साहित्यिक संस्था ‘कलमकार मंच’ की सहभागिता में भव्या इंटरनेशनल और एन. आर. बी. फाउंडेशन की ओर से रविवार
को सुरेश ज्ञान विहार विश्वविद्यालय, जगतपुरा में आयोजित इंडियन बेस्टीजअवार्ड -2019 में विभिन्न क्षेत्रों में विशेष मुकाम हासिल करने वालेकरीब 180 लोगों को सम्मानित किया गया। इस समारोह में जीरावल गाँव के कवि व साहित्यकार डाँ छगन लाल गर्ग विज्ञ को साहित्य के क्षेत्र में विशिष्ट उपलब्धियों को लेकर सम्मानित किया गया! कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुंबई के प्रसिद्ध समाजसेवी एवं व्यवसायी सुरेश अग्रवाल थे। अध्यक्षता असम के जाने माने सोशल एक्टिविस्ट शंकरलाल अग्रवाल ने की तथा ज्ञान विहार विश्वविद्यालय के चेयरपर्सन सुनील शर्मा विशिष्ठ अतिथि थे। समारोह में साहित्य के क्षेत्र में विशेष योगदान के लिए वरिष्ठ साहित्यकार ईशमधु तलवार, लोकेश कुमार सिंह ‘साहिल’ और श्रवणदान ‘शून्य’ को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय मैत्री सम्मेलन में नेपाल, मलेशिया, कनाडा के अलावा देश के विभिन्न राज्यों सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम, केरल, पंजाब, महाराष्ट्र, कर्नाटक, बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान के प्रतिनिधियों ने भी शिरकत की। समारोह में साहित्य, पत्रकारिता, समाज सेवा, शिक्षा, कला, ज्योतिष, उद्यम, कृषि व अन्य क्षेत्र में अपने मन, लगन और हिम्मत से विशेष मुकाम हासिल करने वाली जिन प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया !

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मेरी अच्छाई ही मुसीबत है मेरी

Mon Jul 15 , 2019
मेरी अच्छाई ही मुसीबत है मेरी जहर पीने की बुरी आदत है मेरी मेरी आहों को अहसास बना लेता किसी खुदा की अब चाहत है मुझे दुश्मनों को साथ लिए फिरते हैं आले दर्जे की मोहब्बत है मेरी जो मिलता है, अपना लगता है फरिश्तों की ही सोहबत है मेरी […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।