कशिश’ का विमोचन कल

Wasif quazi004
इंदौर ।
हिंदी और उर्दू के बेहतरीन संगम और चुनिंदा नज़्मों को इंदौर के लेखक डॉ.वासीफ काज़ी ने पुस्तक ‘कशिश’ के रूप में सृजन किया,संस्मय प्रकाशन द्वारा प्रकाशित पुस्तक कशिश का विमोचन मंगलवार को इंदौर एबी रोड़ स्थित डीक्यू कैफे में साहित्यकारों के बीच होना है ।
     कवि व साहित्यकार डॉ. वासिफ़ काजी मध्यप्रदेश के बड़वानी में जन्में व धार जिले की तहसील कुक्षी में अध्यापन कार्यों के साथ साहित्य क्षेत्र में आए है । वर्तमान में इंदौर में निजी महाविद्धयालय में प्राध्यापक है ।
इनकी साहित्य में बचपन से ही रूचि रही है, और अध्यापन कार्यों से जुड़े होने से लगातार कई पत्र पत्रिकाओं, मातृभाषा.कॉम आदि पर इनकी रचना प्रकाशित होती रहती है । अब तक डॉ काज़ी की चार किताबें आ चुकी है, यह पांचवी किताब पाठकों के बीच पहुंचने वाली है।
 पुस्तक के विमोचन पर हिन्दीग्राम के संस्थापक डॉ.अर्पण जैन ‘अविचल’, संस्मय की निदेशिका शिखा जैन, अमन काज़ी, मृदुल जोशी आदि ने डॉ. काजी को बधाईयाँ दी ।

matruadmin

Next Post

वीरान गाँव

Tue May 21 , 2019
भारत की इस धरा पर बसते वीरान गांव। झोपड़ी में रहते है न मिलता इनको छांव। बंजर सी जमीन यहाँ पर न कोई हरियाली, भेड़,बकरी तरसे खाने को न कोई खुशहाली। कच्ची मिट्टी,सौंधी खुशबू खुश रहते है लोग, न कूलर,ए.सी.की जरूरत न होता कोई रोग। चलदी पनघट पानी भरने शीश […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।