साहित्य मंडल का अनूठा प्रयास : ९० मिनट की खुले वातावरण में कवि गोष्ठी
गोंदिया। भीषण गर्मी की तपन, उबा-उबा-सा मन… ‘उफ गर्मी… हाय हाय गर्मी’ का वातावरण और ऐसे में शीतलता की खोज कर आनंदित पल बिताने का एक प्रयास साहित्य मंडल गोंदिया ने शनिवार, २७ अप्रैल २०१९ को किया। संध्या समय ढलता हुआ सूरज, तालाब के ठहरे हुए पानी में उतरने का मनोरम दृश्य, आँखों को दूर से ही सही अपनी हरियाली से ठंडक पहुँचाते पेड़ों का समूह, दूर तक फैला धरती का आँचल और रसभरी कविताओं की काव्यमयी ९० मिनट की शाम…, सचमुच तपते तन-मन को लुभा गई।
सूर्याटोला क्षेत्र के बाँध तालाब परिसर में साहित्य मंडल ने एक कविगोष्ठी कवि छगन पंचे ‘छगन’ के संयोजन में शाम ५.३० से ७.०० बजे मात्र ९०मिनट आयोजित की, जिसकी अध्यक्षता वरिष्ठ कवि श्री रमेश शर्मा ने की। बतौर अतिथि श्री जितेंद्र तिवारी उपस्थित थे। अध्यक्ष अतिथि द्वारा माँ सरस्वती के छायाचित्र के पूजनोपरान्त कवि श्री शशि तिवारी ने शारदा वंदना की। पश्चात हास्य, व्यंग्य, ग़ज़ल, गीत, छंदों से आनंदित इस कवि गोष्ठी में सुरेंद्र जगने, मनोज बोरकर ‘मुसव्विर’, निखिलेशसिंह यादव, लक्ष्मीकांत कटरे, चैतन्य मातुरकर, छगन पंचे ‘छगन’, शशि तिवारी एवं रमेश शर्मा शामिल हुए। संचालन का दायित्व छगन पंचे ने निर्वाह किया। इस अवसर पर वन विभाग के अधिकारी राधेश्याम राहांगडाले, सुरेंद्र जायसवाल, नरेंद्र हजारे एवं अन्य उपस्थित थे। आभार निखिलेशसिंह यादव ने प्रदर्शित किया।