पृथ्वी दिवस विशेष ऑनलाइन वीडियो काव्य सम्मेलन

0 0
Read Time1 Minute, 50 Second

photo 223 9-40-42

दिल्ली |

साहित्य संगम संस्थान दिल्ली द्वारा 22 अप्रैल 2019 दिन सोमवार को पृथ्वी दिवस विशेष ऑनलाइन वीडियो काव्य सम्मेलन रखा गया(दोहा मुक्तक) जिसमें छगनलाल गर्ग विज्ञ जी,शिवकुमार लिल्हारे अमन जी,अंजुमन मंसूरी आरजु जी,बाबा कल्पनेश जी,रवि रश्मि अनुभूति जी,राजेश कुमार तिवारी रामू जी,सरिता श्रीवास्तव जी,लता खरे जी,सरोज ठाकुर जी,अनिता मंदिलवार जी,सुमिता मूँधड़ा,रामजस त्रिपाठी,छाया सक्सेना,राजवीर मंत्र जी,आलोक शास्त्री जी,अलका जैन,सुनील अवधिया जी ने इस आयोजन मे सम्मिलित होकर चार चाँद लगाये,इस आयोजित काव्य सम्मेलन में सम्मिलित रचनाकारों की दोहा मुक्तक रचना को समीक्षक आद बिजेन्द्र सिंह जी द्वारा समीक्षा की जायेगी जिसमें से दोहा मुक्तक परक रचना चयन कर “दोहा मुक्तक विशेषांक” पर प्रकाशित की जायेगी यह आयोजन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बाबा कल्पनेश जी थे।इस विशेषांक के संरक्षक आद राजवीर मंत्र जी,संपादक नवीन कुमार भट्ट नीर इस कार्यक्रम को सफलतापूर्वक सम्पन्न होनें व उत्साह वर्धन के लिये आत्मिक रूप से समस्त प्रतिभागियों का आभार वंदन करते हुये।शुभकामनाएं दी।

matruadmin

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

पहाड़ी वाला भूत....

Tue Apr 23 , 2019
सोनभद्र के घने जंगलों के बीच आदिवासी बाहुल्य एक ऐसा गांव जहां मोबाईल में नेटवर्क पहाड़ पर चढ़े बिना नहीं पकड़ता, जहां शाम होते ही लोगों को पहाड़ पर जाने से मना कर दिया जाता था। गांव के लोगों का ऐसा मानना है की शाम के बाद रात में पहाड़ी […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।