शत-शत नमन इस धरा को
जहाँ वेदों का मंत्रोपचार हुआँ
राम कृष्ण की इसी धरा पर
महावीर जी का अवतार हुआँ
जैन धर्म के 24 वे तीर्थकर
दिगम्बर पथ को अपनाया
पंचशील के सिद्धान्तों से
..परिचय सबका करवाया
30 वर्ष की आयु में ही
वैराग्य पथ पर निकल लिये
12 वर्ष की कठिन तपस्या
सांसारिक सुखों से विरक्त हुऐ
हम सबके पथ प्रदर्शक
भगवान महावीर स्वामी है
पंचशील के सिद्धांतो से
बने उनके हम अनुगामी है
*सत्य, अहिंसा,अस्तेय
ब्रह्मचर्य, अपरिग्रह*
उनके उपदेशों का सार है
*त्याग ,संयम ,करुणा,
शील व सदाचार* से
हाँ,सबका बेड़ा पार है
धर्म से पाए मोक्ष को
हाँ,मोक्ष का पथ अपनाये
आओ, हम सब मिलकर
चरणों मे उनके शीश नवाये
#धनराज वाणी
परिचय–
श्री धनराज वाणी ‘उच्च श्रेणी शिक्षक’ हाई स्कूल उबलड विकास खण्ड जोबट जिला अलिराजपुर में 30 वर्षो का सेवाकाल (मूल निवास जोबट)
जन्म स्थान जोबट(मध्यप्रदेश)
पत्नि का नाम -कविता वाणी (प्राचार्य )इनकी भी साहित्य में रुचि व महिला शसक्तीकरण के क्षेत्र में कार्य व आकाशवाणी मे काव्य पाठ किया
2.शिक्षा-एम.ए.बी.एड.(समाजशास्त्र)
3.रुचि-साहित्य व रचनाकार
विषय-वीरस,चिंतन,देशभक्ति के गीत व कविताओं की रचना
4.उपलब्धियां-आकाशवाणी इंदौर से 7 बार काव्य पाठ किया व स्थानीय,जिलास्तरीय व अखिल भारतीय मंचो से भी काव्यपाठ किया!
वर्तमान में अर्पण कला मंच जोबट मे साहित्य प्रकोष्ठ का प्रभार है.
5.बचपन से साहित्य के प्रति रुचि व हिन्दी के प्रति प्रेम
Wed Apr 17 , 2019
. 1 जागरूक होकर करो,मतदाता मतदान। राजधर्म निर्वाह को, करिये ये शुभदान।। . 2 सब कामों को छोड़कर,करना है यह काम। एक दिवस मतदान का,बाकी दिन आराम।। . 3 सही करो मतदान तो, हो उत्तम सरकार। मन का प्रत्याशी चुनो,मत दे कर हर बार।। . 4 डरो नहीं, झिझको नहीं, रहे प्रशासन संग। अच्छा […]