उपनिषदों की पंडिता डॉ. वेदवती वैदिक का निधन, हिन्दीग्राम ने दी श्रद्धांजलि

IMG-20190404-WA0027
नई दिल्ली।
उपनिषदों की विख्यात विदुषी प्रो. वेदवती वैदिक का आज निधन हो गया है। दिल्ली के लीवर—इंस्टीट्यूट में उनका उपचार चल रहा था।
आप प्रसिद्ध पत्रकार एवं मातृभाषा उन्नयन संस्थान के संरक्षक डॉ. वेदप्रताप वैदिक की धर्मपत्नी हैं। उनकी आयु 70 वर्ष थी। उनका पार्थिव शरीर 11 बजे, धर्मभवन साउथ एक्सटेंशन भाग—1 में 10.30 बजे दर्शनार्थ रखा जाएगा। उनका अंतिम संस्कार दयानंद घाट, लोदी इस्टेट पर आज 12 बजे होगा।
मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ ने कहा कि ‘डॉ वेदवती जी का आकस्मिक निधन परिवार एवं समाज के लिए बड़ी और  अपूरणीय क्षति है।’
उनके निधन पर मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’, उपाध्यक्ष डॉ नीना जोशी, कार्यकारिणी सदस्य शिखा जैन, मध्यप्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष कमलेश कमल ,प्रदेश महासचिव प्रिंस बैरागी, प्रदेश कार्यकरिणी सदस्य देवेंद्र जैन एवं संस्थान के सभी पदाधिकारीयों, सदस्यों ने गहरा दु:ख व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।

matruadmin

Next Post

मतदान

Thu Apr 4 , 2019
ले, टोपी, पहन, वादा कर, खींसे निपोर, गली-गली घूम, फिर से वोट मांग. दे, वोट, जरुर, पर सोच, योग्य है कौन ? बटन दबाना सोच-समझकर. खें, नैया, देश की, देशभक्त, ईमानदार, उम्मीदवार हो, ऐसे को तू ‘वोट’ दें. आ, चल, निकल, हो निर्भीक, मत-दान दे, ‌सरकार बना, लोकतंत्र को बचा. […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।