चलो करे मतदान रे भइया चलो करें मतदान

rishabh radhe

निज अधिकार समझके अपने मत का करले दान
रे भइया चलो करे मतदान रे भइया चलो करे मतदान
पाँच वर्ष पश्चात मिला है हम सबको फिर से मौका
लोकतंत्र के महा पर्व में क्यों तुम सब अनजान
बहना भाई चाची ताई दादा दादी सब सुनलो
अबकी बढ़ चढ़के करना है मत का हमको दान
जतिवाद या लोभ मोह बस नही करें ये काम
क्योंकि इससे राष्ट्र का अपने होता है अपमान
स्वस्थ स्वच्छ सरकार बनाने सुनना मेरी पुकार
भइया चलो करे मतदान रे भइया चलो करें मतदान
मत केवल अधिकार नही है ये अपना कर्तव्य है
इसलिये मत डाल के अपना खुद का करो सम्मान
सास ससुर को लेकर बहुयें वोट डालने को जाये
भारत मे अब ऋषभ शुरू हो ऐसा इक अभियान
रे भइया चलो करे मतदान रे भइया चलो करे मतदान
#ऋषभ तोमर(राधे)

परिचय : ऋषभ तोमर(राधे) मध्यप्रदेश के शहर अम्बाह (जिला मुरैना) में रहते हैंl इनकी आयु २० वर्ष है,और लिखने का शौक रखते हैंl 

matruadmin

Next Post

स्याही और सौगंध

Wed Apr 3 , 2019
सौगंध मुझे इस स्याही की, मैं कलम न रूकने दूँगा ठेस न पहुँचे दिलों को वो शब्द न लिखने दूँगा मैं दिलों को न बँटने दूँगा। सभी को आए ज्ञान शब्द का रखूंगा ध्यान वो चिंगारी अहंकार की न पनपने दूँगा सौगंध मुझे इस स्याही की, मैं कलम न रूकने […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।