बबुआ बनल बा कसाई

rupesh kumar
देखीके समय पर आवत बा रोआई ,
ए भाई बबुआ बनल बा कसाई ,
नौ महीना गरभ में रखनी , सहनी केतना दु:खवा हो ,
आस लगवनी मन मे आपन , पाइब एक दिन सुखवा हो ,
समय कईसन दिहलस भरमाई ,
ए माई बबुआ बनल बा कसाई ,
देखिके ……….
पहले बबुआ कहे की माई तोहरे में चारो धमवा हो ,
दिन रात बबुआ करेला अब के गुणगणवा हो ,
बबुआ ओकरे पर गइले लोभाई ,
ए भाई बबुआ बनल बा कसाई ,
देखिके ……….
सोचनी की जब हम बुढिया होखब बबुआ दिहे सहारा हो ,
मेहरी के आगे चलत नईखे इनकर कवनो चारा हो ,
कुछूओ कहला पर बोलेले झुझुआई ,
ऐ भाई बबुआ बनल ब कसाई !
देखिके ………….
सारा भरम तु तोड़ ए भईया , झूठ न कर गुमनवा हो ,
बेटी बेटा काम न अइहे , काम आई अच्छा करमवा हो ,
प्रभु मे हरदम राख नेहिया लगाई ,
ए भाई भव सागर तर जाई ,
देखिके समय पर आवत ब रोआई ,
ऐ भाई बबुआ बनल बा कसाई !
देखिके ……………
रूपेश कुमार 
छात्र एव युवा साहित्यकार
जन्म – 10/05/1991
शिक्षा – स्नाकोतर भौतिकी , इसाई धर्म(डीपलोमा) , ए.डी.सी.ए (कम्युटर)
बी.एड (अध्ययनरत)
( महात्मा ज्योतिबा फुले रोहिलखंड यूनिवर्सिटी बरेली यूपी)
वर्तमान-प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी !
विभिन्न राष्ट्रिय पत्र पत्रिकाओ मे कविता,कहानी,गजल प्रकाशित !
कुछ सहित्यिक संस्थान से सम्मान प्राप्त !
चैनपुर,सीवान बिहार – 841203

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संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।