आपस मे प्यार ही प्यार हो
एक दूजे के सब मददगार हो
जाति,धर्म का न कोई भेद हो
सदभावना सद्व्यवहार हो
मेरे चनम में हो अमन शांति
खुशियों के ही सब त्योहार हो
है दुआएं मेरी मंजिल मिले
सपने सभी के साकार हो
मान सम्मान सभी को मिलता रहे
मिले ऐसे सभी को संस्कार हो
जीत ही सभी के हस्से में आए
कभी भी न किसी की हार हो
#किशोर छिपेश्वर ‘सागर’
परिचय : किशोर छिपेश्वर ‘सागर’ का वर्तमान निवास मध्यप्रदेश के बालाघाट में वार्ड क्र.२ भटेरा चौकी (सेंट मेरी स्कूल के पीछे)के पास है। आपकी जन्मतिथि १९ जुलाई १९७८ तथा जन्म स्थान-ग्राम डोंगरमाली पोस्ट भेंडारा तह.वारासिवनी (बालाघाट,म.प्र.) है। शिक्षा-एम.ए.(समाजशास्त्र) तक ली है। सम्प्रति भारतीय स्टेट बैंक से है। लेखन में गीत,गजल,कविता,व्यंग्य और पैरोडी रचते हैं तो गायन में भी रुचि है।कई पत्र-पत्रिकाओं में आपकी रचनाएं प्रकाशित होती हैं। आपको शीर्षक समिति ने सर्वश्रेठ रचनाकार का सम्मान दिया है। साहित्यिक गतिविधि के अन्तर्गत काव्यगोष्ठी और छोटे मंचों पर काव्य पाठ करते हैं। समाज व देश हित में कार्य करना,सामाजिक उत्थान,देश का विकास,रचनात्मक कार्यों से कुरीतियों को मिटाना,राष्ट्रीयता-भाईचारे की भावना को बढ़ाना ही आपका उद्देश्य है।
Thu Feb 21 , 2019
हिन्दी जननी है, मुझे गर्व है हिंदी और भारतीयता पर- कवि मुकेश मौलवा इंदौर । मातृभाषा के उन्नयन के लिए प्रत्येक व्यक्ति के मन में भाषा के प्रति प्रेम होना चाहिए, भाव से ही भाव बनता है, उक्त कथन मुख्य अतिथि स्वामी विदेहदेव जी ने अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में कही […]