सच कहने की हिम्मत रखना भेद किसी से तुम मत रखना तुम्हे चाहने वाले होंगे जहाँ में सच्चे दिल से चाहत रखना एकता का है हिंदुस्तान प्यारा तुम न किसी से अदावत रखना वसूल और ईमान जिंदा रहे सदा नेक राह चलने की आदत रखना अल्लाह ईश्वर गॉड सब एक […]

कोई राज है जो छुपाते गए वो हमें देखकर मुस्काते गए हमने सोचा कि मिलाए नजर जाने क्यों वो नजरें चुराते गए जमाने से जुदा उनका अंदाज है हम आँखों मे उनको बसाते गए बात ही बात में रूठ जाती रही मान जाएं कहीं हम मनाते गए मेरे लब पर […]

छोड़ नफरत, प्यार का चलन रहने दो । अमन शांति का अपना वतन रहने दो ।। रिश्ते प्रीत के सभी से निभाते रहिए । ये समझ लो पाक अपना मन रहने दो ।। कामना करते रहें खुश रहे ये जमाना । धरती सुनहरी , नीला गगन रहने दो ।। अपनेपन […]

गर है दोस्ती तो दोस्ती को सम्मान देना । दोस्तों के लब ………..पर मुस्कान देना ।। मेरी नजरों में दोस्ती है जन्मों का बंधन । देनी पड़ी गर जान तो फिर जान देना ।। दूजा नही  है दोस्त, है परिवार का हिस्सा ।। माता पिता भाई बहन….. को मान देना […]

देख लो तुम मुझे मेरे किरदार में । जिंदगी है गुजारी बस….प्यार में ।। है बहुत ही बड़ी ये दुनिया मगर । सुकून मिलता रहा….परिवार में ।। कहना मानो मेरा द्वेष करना नहीं । क्या रखा है भला……तक़रार में ।। साथी हो जब मेरे उम्र भर साथ दो । छोड़ […]

तख्त मीनारों को रोशनी से सजा देंगे । हर दिल मे देश प्रेम की अलख जगा देंगे ।। हम नही झुकने वालो में तिरंगा लहरा देंगे । दुश्मन थर थर कापेगा ऐसी उसको सजा देंगे ।। ईमान पे हम है चलने वाले ना किसी को दगा देंगे । आँख उठाये […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।