श्री शनि स्तूति

sachin

जो शनिधाम को  जाता है, वो सब दुखो  से मुक्त हो जाता है,,
शनिदेव की कृपा हो सर पे  तो विनती भगवान सुने ,
अपने भक्त के पथ के कांटे फिर स्वयं भगवान चुने,
भक्त छोटा सा कंकर तब  आसमान हो जाता है,
जो शनिधाम  को जाता है, वो सब दुख से मुक्त हो जाता है,
शनि देव प्रसन्न हो जिस पर वो भगत बड़ा ही निराला है
शनिदेव की कृपा से भक्तों के भाग्य में उजाला है ,
शनि देव के पूजन से हर सपना साकार हो जाता है ,
जो  शनि धाम को जाता है, वो सब दुख से मुक्त हो जाता है,
सूर्यपुत्र शनिदेव जिनकी माता छाया है,
शनिदेव की कृपा से भक्तों के जीवन में उजियारा है ,
शनि कृपा से भक्तों का हर पाप धुल जाता है
जो शनि धाम को जाता है वो हर दुख से मुक्त हो जाता है
शनि दिवस पर पीपल पर जो कोई दीप जलाता है ,
लोहा तिल तेल उड़द का शनि पर भोग लगाता है,
कहे ” सचिन ” वो भक्तों बड़ा खुशहाल हो जाता है ,
जो शनि धाम को जाता है ,वो हर दुख से मुक्त हो जाता है ।
शनि भक्त ,,,

सचिन राणा हीरो 
हरिद्वार (उत्तराखंड)

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