युगान्तर…

ashwini rai

युगान्तर…

सुख और दुख से परे मैं…

युगान्तर बना फिरता हूँ

वक्त को समझने की विलक्षण प्रतिभा जो है

मगर युद्ध अनवरत जारी है

कृष्ण जो हूँ…

मैं चाहूँ तो कोई युद्ध ना हो

गर चाहूँ कोई संजोग ना हो 

कोई वियोग ना हो…

मगर युद्ध अनवरत ? ? ? 

ऐसा क्यूँ है ? ? ? 

वैसा क्यूँ है ? ? ? 

जग की पहचान भी मैं

प्रमाण भी मैं 

संज्ञान भी मैं

होने या ना होने का ज्ञान भी मैं

द्रौपदी की साड़ी भी मैं 

सुयोधन की वाणी भी मैं 

मैं कृष्ण हूँ ! 

मैं ही चल में हूँ 

अचल में हूँ 

इस पल में हूँ 

आज और कल में हूँ 

आज और कल में जो दूरी है

उस प्रतिपल में हूँ 

मैं कृष्ण हूँ ! 

चाहूँ तो सारे विश्व का संहार कर दूँ 

पल में नया आकार दे दूँ 

मगर युद्ध अनवरत जारी है 

मैं कृष्ण जो हूँ…

यही मेरी गाथा है 

यही मेरी प्रथा है 

तू क्या जाने क्या तेरा है 

बस मैं जानू क्या मेरा है 

चराचर पर…

काल का जो फेरा है 

वो मेरा ही घेरा है 

माया के संसार में 

पाप का भार बड़ा भारी है 

इसीलिए युद्ध अनवरत जारी है

युद्ध अनवरत जारी है

नाम- अश्विनी राय 

साहित्यिक उपनाम- अरुण 

जन्मतिथि- २८-०२-८२

वर्तमान पता- ग्राम – मांगोडेहरी, डाक – खीरी, जिला – बक्सर 

राज्य- बिहार 

शहर- बक्सर 

शिक्षा- वाणिज्य स्नातक 

कार्यक्षेत्र- कृषी सह लेखन 

विधा – गद्द 

प्रकाशन- पुस्तक (बिहार – एक आईने की नजर से)

सम्मान- द इंडियन आवाज २०१८,

ब्लॉग-shoot2pen

अन्य उपलब्धियाँ-अन्य 

लेखन का उद्देश्य-बेरोजगारी 

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।