
अश्क़ इतने बहा लिए जाएं,
दर्द सब आज़मा लिए जाएं।
आज़ गफ़लत नहीं रहे कोई,
राज़ सबसे जता लिए जाएं।
मेज़बानी की इस शुमारी में,
हाल बिखरे जमा लिए जाएं।
काम आसान नज़र आएगा,
हाथ सबके मिला लिए जाएं।
हैसियत जानकर यहाँ अपनी,
बोझ सर से हटा लिए जाएं।
#नवीन माथुर पंचोली

