कात्यायनी (माता का छठा रूप )

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पराम्बा शक्ति पार्वती के नौ रूपों में  छठा रूप  कात्यायनी का है । अमरकोष के अनुसार यह पार्वती का दूसरा नाम है। यजुर्वेद में प्रथम बार  ‘कात्यायनी’ नाम का उल्लेख मिलता है। ऐसी मान्यता  है  कि देवताओं का कार्य सिद्ध करने के लिए  देवी महर्षि कात्यायन के आश्रम पर प्रकट हुईं और महर्षि ने उन्हें अपनी कन्या माना इसलिए माता कात्यायानी कहलाईं  । इसमें माँ के हाथ में कमल और तलवार शोभित है।
प्रतीकों पर गौर करें तो यह प्रतीक है  कि आदिशक्ति  साधक से मिल रही हैं ।
इसमें साधक का ध्यान आज्ञा-चक्र पर रहता है, जो दोनों भृकुटियाँ के मध्य अवस्थित है और जो  आत्म-तत्त्व का  परिचायक है ।
 योगसाधना में इस आज्ञा चक्र का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान माना गया है।
मान्यता है कि परिपूर्ण आत्मदान करने वाले ऐसे साधकों की साधना फलीभूत होती है और भक्तों को सहज ही माँ के दर्शन प्राप्त हो जाते हैं।
कात्यायनी माँ की आराधना का मंत्र :
चन्द्रहासोज्ज्वलकरा शार्दूलवरवाहन | कात्यायनी शुभं दद्याद्देवी दानवघातिनी ||

#कमलेश कमल

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।