वरिष्ठ कांग्रेस नेता बाबूलाल जैन का देवलोक गमन : सैकड़ों लोग पहुंचे अंतिम विदाई देने

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कुक्षी।
ओसवाल जैन समाज के वरिष्ठ व्यक्तित्व,सामाजिक कार्यकर्ता और कांग्रेस के वयोवृद्ध नेता बाबूलाल जैन (तांतेड़) का अल्प बीमारी के बाद 1 अगस्त को निधन हो गया। 91 वर्षीय श्री जैन ने अपनी मेहनत और काबिलियत से व्यापार व्यवसाय में उन्नति करने के अलावा 60 से 90 के दशक में वे कांग्रेस का कद्दावर किंगमेकर चेहरा रहे थे। जैसे ही उनके निधन की खबर फैली,नगर में शोक छा गया। श्री जैन सामाजिक कार्यकर्ता सुरेश जैन, पत्रकार देवेंद्र जैन के पिता और साहित्यकार डॉ. अर्पण जैन के दादा थे। उनका अंतिम संस्कार कुक्षी मुक्तिधाम पर किया गया। अंतिम यात्रा में विधायक सुरेंद्रसिंह बघेल, जैन श्री संघ रत्न मनोहर लाल जी पौराणिक, कांग्रेस नेता राजेन्द्रसिंह राठौर, राजप्रकाश पहाड़िया, बद्रीलाल जी अग्रवाल, पार्षद हरीश सेन, बीजेपी नेता महेंद्र सेप्टा,नितिन पहाड़िया सांसद प्रतिनिधि सुनेश जैन, प्रेस क्लब के वरिष्ठ महेंद्र कुमार परसाई,प्रेस क्लब अध्यक्ष अखिलेश पंवार, मनोहर मंडलोई, बार एसोशिएशन अध्यक्ष अतुल जैन, लोकेश चौहान, आशीष परसाई, संजय पांडे, चन्दू मुकाती, सहित बड़ी संख्या में सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

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संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।