लगन की अगन

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manisha nema

गरजत ‘गगन’ मद में हैं मेघा,

लरजत मन पुलकित सस्नेहा,

तरस रहा तन पी संग नेहा,

बाहुपाश, रति, मधुमास विशेषा,

 

कौंध रही है तड़ित दामिनी,

जाग रही मंत्रमुग्ध यामिनी,

संवर रही है धरती मानो,

सुहाग सेज चिरप्रतीक्षित बेला,

 

मचल रही उन्मादित ‘अगन’ मंद,

अम्बर लिख रहा बूंदों संग प्रेमग्रंथ,

प्रीति की ‘लगन’ में मगन हैं दोनों,

है सृष्टि उर्वरा, उत्प्रेरक हैं घन……

नाम- श्रीमती मनीषा नेमा 
वर्तमान पता-थाणे 
राज्य-महाराष्ट्र 
शहर-थाणे 
शिक्षा- पोस्ट ग्रेजुएट (वनस्पतिशास्त्र)
कार्यक्षेत्र- ट्रांसलेटर (इंग्लिश<>हिंदी)
विधा -दोहा, मुक्तक, छंदमुक्त, हाइकु, सेदोका,चोका, लेख, समसामयिक विषय गद्य 
प्रकाशन- वर्तमान अंकुर, पत्रिका काव्य स्पंदन, दैनिक भास्कर,
सम्मान-सर्वश्रेष्ठ लेखन के लिए ऑनलाइन प्रशस्तिपत्र विभिन्न समूहों से, शब्द श्री, काव्य प्रत्यूषा, आदि 
अन्य उपलब्धियाँ-………शिक्षिका रह चुकी हूँ, कम्प्युटर प्रशिक्षक, ट्रांसलेटर 
लेखन का उद्देश्य-अपने मन के भाव लिखना, समाज में बदलाव लाना 
एक मौलिक रचना-शीर्षक सहित कविता क्या है?

matruadmin

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

आपका जन्म 29 अप्रैल 1989 को सेंधवा, मध्यप्रदेश में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर हुआ। आपका पैतृक घर धार जिले की कुक्षी तहसील में है। आप कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। आपने अब तक 8 से अधिक पुस्तकों का लेखन किया है, जिसमें से 2 पुस्तकें पत्रकारिता के विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध हैं। मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मातृभाषा डॉट कॉम, साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 21 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण उन्हें वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं और ख़बर हलचल न्यूज़ के संस्थापक व प्रधान संपादक हैं। हॉल ही में साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन संस्कृति परिषद्, संस्कृति विभाग द्वारा डॉ. अर्पण जैन 'अविचल' को वर्ष 2020 के लिए फ़ेसबुक/ब्लॉग/नेट (पेज) हेतु अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से अलंकृत किया गया है।