जब अर्द्धनग्न शरीर पर कोड़े बरसाएं जा रहें हो, लोहे के सरिये से पीटा जा रहा हो, चमड़े के पट्टे स्त्री की देह नोचते हुए उसे अपराधी सिद्ध करने पर आमादा हो, गुनाह और बेगुनाही के बीच सच्चाई झूल रही हो, जब स्त्री की चीखें उसे विवशता की ओर धकेल […]

  भारत जैसे जनतांत्रिक देश में इस समय एक पर्व मनाया जा रहा है जिसे आम चुनाव कहते है। इस पर्व का उत्साह तो राजनैतिक लोगों और जनता दोनों में है। किन्तु इस बार यह आम चुनाव कुछ खास है, क्योंकि यहाँ एक तरफ तो सत्ता पक्ष की हाहाकार है […]

भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है जहाँ सभी वर्गों,जातियों एवं सम्प्रदायों से जुड़े लोगो को अपनी बात कहने और अपना पक्ष रखने की स्पष्ट रूप से स्वतंत्रता है। लेकिन,अगर हम भारत देश की वर्तमान राजनीति की बात करते है तो दिलो-दिमाग में बहुत ही नकरात्मक छवि सामने आती […]

भारत की राजनीति में 2019 का लोकसभा चुनाव बहुत ही अहम स्थिति में है। क्योंकि, देश की बदलती हुई राजनीति के साथ उभरती हुई राजनीति के बीच एक बड़ी लड़ाई होने वाली है जोकि, वास्तव में शून्य स्तर पर अपने पैर मजबूती के साथ गड़ाए हुए है। इसलिए के देश […]

 देश के एक बड़े हिंदी चैनल पर चल रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साक्षात्कार के दौरान राफेल सम्बन्धी सवाल पूछने पर प्रधानमंत्री अचानक गुस्से में क्यो आ गए,क्या किसी पत्रकार द्वारा देश,दुनिया और समाज मे किसी मुद्दे या फिर समस्या को लेकर प्रश्न पूछना गुनाह है?क्या पत्रकार केवल वही प्रश्न […]

आज गर्व के साथ हम यह कह सकते हैं कि हम विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र का हिस्सा हैं। “लोकतंत्र” यानी शासन व्यवस्था की वह प्रणाली जिसमें हर बार जनता को अपना भाग्यविधाता चुनने का अवसर मिलता है। इसी लिए देश के किसी न किसी हिस्से में हर वर्ष चुनाव […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।