अब राज्यसभा के सदस्य देश की 22 भाषाओं में सदन में बोल सकेंगे। राज्यसभा के सभापति और उप-राष्ट्रपति वैंकय्या नायडू की इस पहल पर उनको बधाई ! वैंकय्याजी ने स्वयं 10 भाषाओं में अपना पहला वाक्य बोलकर इस पहल का शुभारंभ किया। यह सुविधा संसद के दोनों सदनों को एक […]

   जाने माने टेक्नोक्रेट सैम पित्रोदा ने आगाह किया है कि समाज के सामने सबसे बड़ी चुनौती देश के सर्वोत्तम मस्तिष्कों को सामाजिक सरोकारों से जोड़ने की है। रविवार 15 जुलाई, 2018 को कर्णावती विश्वविद्यालय की यूथ-पार्लियामेंट में युवाओं को संबोधित करत हुए सैम पित्रोदा ने कहा कि ‘दुनिया के […]

भारत बहु भाषी और बहु सांस्कृतिक समन्वय वाला राष्ट्र है, जहाँ ‘कोस-कोस पर बदले पानी, चार कोस पर वाणी’ बदल जाती है। किन्तु विगत 50 साल में भारत की क़रीब 20 फीसदी भाषाएं विलुप्त हो गई हैं। वर्ष १९६१ की जनगणना के बाद भारत में १६५२ मातृभाषाओँ का पता चला […]

    कांग्रेस और भाजपा नेताओं के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता और पूर्व केन्द्रीय मंत्री आनंद शर्मा के इस बयान पर तलवारें खिंच गई हैं कि ‘कांग्रेस के बारे में प्रधानमंत्री मोदी जिस प्रकार के अनर्गल आरोप लगा रहे हैं, वह उनकी बीमार मानसिकता प्रतीक है’। केन्द्रीय कानून मंत्री […]

आज मैं हरिद्वार में हूं। कल मुझे एक अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का उद्घाटन करना है। आज दो महत्वपूर्ण काम यहां हुए। एक तो सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा द्वारा आयोजित ‘अन्तरराष्ट्रीय गुरुकुल महासम्मेलन’ में भाषण हुआ और दूसरा, गंगा की सफाई को लेकर आमरण अनशन कर रहे स्वामी सानंदजी से […]

डॉं श्यामाप्रसाद मुखर्जी जयंती 6 जुलाई विशेषालेख………………….                 डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी ऐसे महान देशभक्त थे जिन्होंने राष्ट्र की एकता और अखण्डता की बलिवेदी पर अपना जीवन उत्सर्ग कर दिया। वह एक साथ ही शि‍क्षाविद्, सासंद, राजनीतिज्ञ और मानवतावादी कट्टर देशभक्त थे। इन्होंने विद्याध्ययन के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की और शीध्र ही एक […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।