सब धर्मों का देश है भारत सभी धर्मों से करिए प्यार इंसानियत सबसे बड़ी है न मजहब न जात दीवार धर्म अपना मानिए जरूर करिए राष्ट्र का भी सम्मान सब धर्मो से बड़ा है राष्ट्र बड़ा है भारतीय संविधान देश के राजा को चाहिए सब जन माने एक समान दल […]
काव्यभाषा
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