उनकी मोहब्बत ने मुझे, लिखना सीखा दिया। लोगों के मन को, पढ़ना सीखा दिया। बहुत कम होंगे जो मुझे, पढ़ने की कोशिश करते है। क्योंकि जमाने वालो ने तो, मुझे पागल बना दिया था। न धोका हमने खाया है, न धोका उसने दिया है। बस जिंदगी ने ही एक, नया […]

मीत बने जब परमात्मा हो जाए आत्म उद्धार मन से विकार दूर हो पवित्र हो आचार विचार शांत मन ,स्वस्थ तन हो खुशिया रहे घर द्वार एक परमात्म याद रहे न माया ,मोह ,कुविचार अशरीरी बनकर रहो देहभान मिटाकर रहो मिलेगा सुख अपार कलियुग मिट जायेगा सतयुग होगा आपके द्वार।#श्रीगोपाल […]

हल्दी लगे न फिटकरी,रंग चोखा हो जाय। बिन परीक्षा दिए बगैर दसवीं पास हो जाय।। जबसे यह सुना बिन परीक्षा दिए न होगे पास। सभी छात्र हम लगे,मन से बहुत ही उदास।। बिन मेहनत किए जब हो जाओगे तुम पास। किताबों और कॉलेजों में फटके न कोई पास।। कोरोना के […]

मिले हम अपनी कविता, गीतों के माध्यम तुमसे। परन्तु ये तो कुछ, और ही हो गया। पढ़ते पढ़ते मेरे गीतों के, तुम प्रसन्नसक बन गये। और दिल ही दिल में, हमें चाहने लगे। और अपने कमेंटो से, हमें लोभाने लगे।। दिल से कहूँ तो मुझे भी, पता ही नहीं चला […]

लाशों की ढेरी पर चढ़कर, क्यों सिंघासन पाना चाहते हो। नेता जी अपनी बरबादी का, क्यों बीज बोना चाहते हो। भेड़ बकरियाँ समझ हमें, क्यों बलि चढ़ाना चाहते हो? गरीब लाचारों की चिताओं पे, क्यों रोटियाँ सेकना चाहते हो? ज़रा बच के रहना नेता जी, कहीं झुलस ना जाना तुम। […]

मानवता बिक रही है अब बाजारों मे, काला बाजारी हो रही है बाजारों मे। कुछ सांसे गिन रहे हैं अस्तपतालो मे, दानवता गिन रही है नोट बाजारों मे।। राजनेता लिप्त हैं अनेक भ्रष्टाचारों मे, जनता पिस रही है उनके अत्याचारों मे, करे तो क्या करे इस कोरोना काल में, जब […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।