हम हैं नन्हे मुन्ने बच्चे, हमको आँख दिखाओ ना। अभी उम्र है पढ़ने की, हमसे काम कराओ ना। कभी होटलों में हमसे तुम, बर्तन साफ कराते हो। कभी घरों में झाड़ू पोंछा, और कपड़े धुलवाते हो। शर्म करो कुछ तो बाबू जी, ये बचपन हमसे छीनो ना। हम हैं नन्हे……… […]
काव्यभाषा
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