था एक दृढ़ संकल्प नहीं था कोई विकल्प, दुनिया में है अब एक विशाल पवित्र प्रकल्प। अपार सद्गुणों के महासागर प्रभु श्रीराम, परहित जन्में राम, परहित किए सदकाम। रामराज्य लाने हित जिएँ हम सब आठों याम, संगठित सज्जन रामकाज किए बिना नहीं करें विश्राम। भारतीय संस्कृति का है मूल आधार […]

राम नाम की महिमा न्यारी राम-कथा कहें हम प्यारी वाल्मीकि ने कही अनूठी तुलसी कहें मन को छूती कहें आज हम अपनी वाणी कहें राम-कथा हम न्यारी जय सियाराम, जय सियाराम। कौशल्या-दशरथ के आँगन मनुज रूप धर आए राम त्याग अपना बैकुंठ धाम बालक बन खेले प्रभु राम घुटुरुनि चलें […]

हमारी मातृभूमि पर अनेक ज्ञानी संत हुए महान, वेद प्रवर्तक विवेकानंद जी की अद्वितीय पहचान। बाल्यावस्था से प्रभुदर्शन की पाली उर में आस, गुरु माने श्रीरामकृष्ण परमहंस को धारे विश्वास। गुरु की दी शिक्षा से ओजस्वी गुणों से युक्त हुए, विश्व कल्याण के लिए गुरु माँ से आशीर्वाद लिए। ठाना, […]

गली-गली में, मचा है शोर, चुनावों का आ गया दौर। दिखें छोटे-बड़े नेता हर ओर, वोट पाने को लगा रहे ज़ोर।। हाथों को जोड़े, शीश झुकाते, हमें, अपने पाले में लाना चाहते। अपने आपको जनसेवक कहते, बाद में, दर्शन दुर्लभ होते।। नेता अभी बनेंगे, सीधे-सादे, करेंगे हमसे, ऊँचे-ऊँचे वादे। भलाई […]

सुनो भैया, सुनो काका, सुन लो री सब बहना, राजधर्म का पालन करके मतदान ज़रूर है करना। जैसे हम मातृ ऋण, पितृ ऋण चुकाते हैं, वैसे ही मतदान करके राष्ट्र ऋण चुकाना। जैसे इहलोक से परलोक के लिए कई दान करते हो, वैसे ही सुदृढ़ राष्ट्र के लिए यह दान […]

है अनुपम हमारी, भारत भूमि महान ये, विश्व में विकास का सर्वोत्तम उदाहरण ये। पढ़–लिख करते हम वागीश्वरी का ध्यान हैं, करना है ज्ञान का उपयोग, हमें अब मतदान है। प्रतिनिधि चुनना, उचित सोच समझ के, डोर राष्ट्र विकास की, होगी हाथ में उस के। छोड कर लालच, किसी भी […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।