जन्मजयंती (4 जून पर विशेष) प्रो.संजय द्विवेदी ख्यातिनाम कथाकार ,उपन्यासकार श्रीमती मालती जोशी के निधन की सूचना ने साहित्य जगत में जो शून्य रचा है, उसकी भरपाई संभव नहीं है।गत 15 मई, 2024 को उन्होंने अपनी नश्वर देह त्याग दी। अपनी रचनाओं के माध्यम से भारतीय परिवारों के रिश्तों, संवेदनाओं, […]

मातृभाषा डॉट कॉम लाया है आपके लिए आलेख लेखन प्रतियोगिता। विशेष आलेख लेखन प्रतियोगिता का आयोजन हो रहा है, जो एक खुला मंच है सभी बुद्धिजीवियों के लिए जिसमें हमारे भारत के विभिन्न प्रधानमंत्रियों के बारे में आप आलेख लिखकर भेज सकते हैं, जिसका प्रकाशन मातृभाषा डॉट कॉम पर तो […]

लघुकथा की मार्गदर्शिका है ‘‘लघुकथा वृत्तान्त’’ इन्दौर। हिन्दी साहित्य के वरिष्ठ साहित्यकार-कथाकार सूर्यकान्त नागर की 30वीं कृति ‘‘लघुकथा वृत्तान्त’’ का लोकार्पण रविवार को श्री मध्यभारत हिन्दी साहित्य समिति द्वारा आयोजित कार्यक्रम में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए राष्ट्रीय कवि  सत्यनारायण सत्तन ने कहा कि ‘कम से कम शब्दों […]

दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश में चुनाव का महापर्व चल रहा है। वर्तमान 17वीं लोकसभा का कार्यकाल 16 जून, 2024 को समाप्त हो रहा है। लोकसभा के 543 सदस्यों को चुनने के लिए भारत में 19 अप्रैल से 1 जून 2024 तक आम चुनाव 7 चरणों में सम्पन्न कराए […]

इंदौर। बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर साहित्य अनुराग के उद्देश्य से मातृभाषा डॉट कॉम द्वारा कविता लेखन प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें इन्दौर की लेखिका सरला मेहता विजेता रहीं। मातृभाषा डॉट कॉम के सम्पादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ ने बताया कि ‘उक्त कविता लेखन प्रतियोगिता डिजिटल स्वरूप में आयोजित की […]

इंदौर। श्री मध्यभारत हिन्दी साहित्य समिति, इन्दौर के साप्ताहिक कार्यक्रम कालजयी साहित्यकार स्मरण शृंखला में आज मंगलवार को शमशेर बहादुर सिंह के साहित्यिक कृतित्व और व्यक्तित्व पर चर्चा करते हुए उन्हें उनकी रचनाओं के साथ याद किया गया। 13 जनवरी, 1911 को जन्मे और 12 मई, 1993 को इस संसार […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।