चैत्र नवरात्रि पर योगशाला मंच पर भव्य कवि सम्मेलन सम्पन्न

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गोरे मुखड़े पे घुंघराले बाल मैया जी बड़ी प्यारी लगे शचि
साहित्य संगम संस्थान के योगशाला मंच पर 19 अप्रैल 2021 सोमवार को चैत्र नवरात्रि पर आनलाइन कवि सम्मेलन आयोजित किया गया देश के कोने-कोने से सम्मिलित कवि व कवित्रियों के द्वारा काव्यपाठ कर कार्यक्रम को सफल बनाया,इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजवीर सिंह मंत्र अध्यक्ष साहित्य संगम संस्थान, विशिष्ट अतिथि डॉ मीना भट्ट, डॉ राजलक्ष्मी शिवहरे, छाया सक्सेना प्रभु, धर्मराज देशराज कार्यक्रम का संचालन द्वय पूजा प्रसाद व उमा मिश्रा प्रीति के द्वारा किया गया। कार्यक्रम की संयोजिका इन्दु शर्मा शचि ने बताया कि यह कार्यक्रम नवरात्रि विशेष आधारित कवि सम्मेलन दो 02 बजे से शुभारंभ किया गया गया जिसमें मुख्य अतिथियों ,कविगणों की उपस्थिति में मां सरस्वती की प्रतिमा स्थापना सरोज सिंह ठाकुर के द्वारा द्वारा किया गया,,कार्यक्रम श्री गणेश करते हुए डॉ कुमुद श्रीवास्तव कुमुदिनी लखनऊ द्वारा कवि सूर्यकांत त्रिपाठी निराला जी द्वारा लिखी सरस्वती वंदना वर दे वीणा वादिनी वर दे से कार्यक्रम का शुभारंभ किया,,कशिश अग्रवाल तिनसुकिया असम स्वागत गीत हम सुमन है इस जहां के आपको करते प्रणाम स्वागतम स्वागतम,,निशा गुप्ता देहरादून मैया का सजा है दरबार, इंदू शर्मा सचि तिनसुकिया असम गोरे मुखड़े पे घुंघराले बाल मैया जी बड़ी प्यारी लगे,,भावना शिवहरे दमोह माता रानी की रचना मंगल कामिनी मां,विनोद कुमार दरभंगा बिहार दुर्गे भवानी मां ,,बजरंग केजडीवाल छू लेने दो अपने चरणों को,,संध्या सेठ गाजियाबाद शक्ति का यह रुप है नारी,,डॉ मीना भट्ट अम्बे जगदम्बे कल्याणी माता जीवन दो सवार,,धर्मराज देशराज सिहोर शेरोंवाली की जय माता रानी की जय,,डॉ राजेश कुमार शर्मा पुरोहित भवानीमण्डी राजस्थान दर्शन की प्यासी अंखियों को,,जयश्रीकांत सिंगरौली मप्र देवी के नव अवतारों का आह्वान है नवरात्रि,आरती खंडेलवाल जरा फूल बिछा दो आंगन में ,डॉ भावना दीक्षित जबलपुर नवरात्र आये सबका मन हर्षाए,हरीश बिष्ट , रानीखेत , उत्तराखण्ड से आये आये है नवराते,गौतम ठाकुर कविता शीर्षक मातारानी,चौधरी आशा जैन से करुणादायनी ऐसा वरदान दो,सुधा श्रीवास्तव पीयुषी प्रयागराज हे मां मेरी जगदम्बिके,शकुन्तला सरावगी जगदम्बे मैया तेरा त्रिभुवन छाया राज है,उमा मिश्रा प्रीति जबलपुर नमन करुंगी मां अम्बे,हो पूरे काज,राजेन्द्र प्रसाद पटेल रंजन ब्योहारी शहडोल कण कण में बसने वाली मां तेरी महिमा निराली,पुष्पा बुकलसरिया आओ जी आओ मेरी दुर्गा मैया,कंचन शर्मा मैया सिंह पे सवार हो आई रे,,राजेश कुमार कौरव गाडरवारा लाज तुम्हारे ही हाथों में मानव है लाचार,,पूजा प्रसाद लक्ष्मी सरस्वती वंदना महागौरी जैसा है मेरी मां का रूप,,छाया सक्सेना प्रभु जबलपुर महागौरी मां अम्बिके, नौ रात्रों में आष्ट,,कुसुम खरे लाड़ली के भुवन कहां,,गीतांजलि वार्ष्णेय”सूर्यान्जलि”बरेली मैया तेरी महिमा भी क्या खूब निराली है,,आराध्या शर्मा आरती जय मां ,उन्नति शर्मा दुर्गा स्त्रोतम्,मंजू जोगई दुर्गा नाम है तेरा,शारदा इन्दोरिया तुम सजती रहो हम सजाते रहे,डा राजलक्ष्मी शिवहरे जबलपुर शेरो पर सवार जब धरा पर आई माता रानी,,सुमन शर्मा तिनसुकिया मैया भवानी जग कल्याणी,,रवि रश्मि अनुभूति मुम्बई छोड़ सिंहासन आज तो मैया तू आजा दर मेरे,,लता सगुण खरे बिलासपुर आओ जाने कौन है नव देवी माता, संगीता अग्रवाल आये माता के नवराते मां को सत प्रणाम,,सुधा श्रीवास्तव’पीयूषी’ ने अपनी चंद शब्द के माध्यम से कहा कि एक बार फिर से काव्य गोष्ठी की संयोजिका इंदु जी एवं संचालिका उमा मिश्रा प्रीति जी, बहुत सुंदर उनका आए हुए मुझे प्लान था और पूजा की आवाज ही बहुत कशिश पैदा करने वाली है एक एक शब्द जैसे चुनकर फूल से रचनाकारों के आगमन के लिए रास्ता बनाती है एवं मंच के सभी जाने पहचाने आदरणीय गुनीजन सभी को मैं नमन करते हैं एक बार सभी का साथ आपसी बोलचाल प्राप्त होती है बड़ा अच्छा लगता है पूजा जी का बहुत-बहुत आभार प्रकट करती हूं ।छाया सक्सेना प्रभु ने कहा की आज के कवि सम्मेलन में आप सबकी सहभागिता को तहेदिल से व्यक्त कर गौरवान्वित हूं साथ ही इस कार्यक्रम को करवाने के लिए। संयोजिका इन्दु शर्मा शचि व उनकी टीम को सादर बधाई देती हूं ऐसे कार्य नित होते रहे और संगम नित नये नये तरीके से साहित्य में अपनी अलख जगाये बहुत बढ़िया,,ये कार्यक्रम वाकई में अद्भुत व अद्वितीय रहा इसका श्रेय संयोजिका इन्दु शर्मा शचि को जाता है इस कार्यक्रम कराने का मन नवरात्रि के पूर्व ही बन चुका था,कार्यक्रम संचालन कर रहे उमा मिश्रा प्रीति व पूजा प्रसाद ने अपने संचालन में मधुर घोल में मिश्री की भांति मिठास भरे कंठ से बढ़िया संचालन किया इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विशिष्ट अतिथि , डा कुमुदिनी द्वारा वंदना, कशिश अग्रवाल द्वारा स्वागत गीत आराध्या शर्मा आरती जय मां ,उन्नति शर्मा दुर्गा स्त्रोतम् अपने आप में मधुरता से परिपक्व भरा था हर एक कवि कवित्रियों के मधुर रचना से सारा मंच आनंदित गौरवान्वित होकर झूमने लगा,,कारणवश कुछ कवि कवित्रियों की उपस्थित नहीं हो सके इस कार्यक्रम के सभी विशिष्ट अतिथियों व हर एक रचनाकारों को सादर बधाई देता हूं आप सबकी सहभागिता से ही ऐसा कार्यक्रम हो सका भविष्य में होने वाले कार्यक्रम में निश्चित ही आप सभी की सहभागिता फिर से बनी रहेगी। मैं नवीन कुमार भट्ट नीर योगशाला मंच पर एक संयोजक योग संगम रविवारीय संपादक बहुत बहुत बधाई व चैत्र नवरात्रि की शुभकामनाएं ज्ञापित करता हूं,, मीडिया प्रभारी राजेश कुमार पुरोहित ने कहा की योगशाला पर हुये कार्यक्रम का यह श्रेय संयोजिका इन्दु शर्मा शचि व उनकी टीम को जाता है कार्यक्रम में उपस्थित सभु मनीषियों को सादर बधाई साथ उन तमाम मित्रों को बधाई जिन्होंने अपनी उपस्थिति नहीं दे पाये,, निश्चित ही आगे के कार्यक्रम में आप सब ऐसे ही बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेंगे और संगम का पताका यूं ही फहराते रहेगे पुनः बहुत बहुत धन्यवाद ,,,,अंत में इंदु शर्मा शचि ने सभी विद्व मनीषी जनों को क्रमवार सबका आभार प्रदर्शन कर माता रानी की बधाई देते हुए कार्यक्रम का समापन किया।

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29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।