नई दिल्ली। अयोध्या में भगवान श्रीराम की जन्मभूमि पर भव्य मंदिर के निर्माण हेतु प्रारंभ हुए निधि समर्पण अभियान का श्रीगणेश आज देश के महा माहिम राष्ट्रपति के कर कमलों से राष्ट्रपति भवन में उनके पूरे परिवार के साथ हुआ। आज प्रात: 11 बजे श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के […]

विश्व हिंदी सचिवालय, मॉरीशस न्यू मीडिया सृजन संसार ग्लोबल फाउंडेशन एवं सृजन ऑस्ट्रेलिया अंतरराष्ट्रीय ई- पत्रिका के संयुक्त तत्वावधान में एक अंतरराष्ट्रीय कवि सम्मेलन का आयोजन 17 जनवरी 2021 को भारतीय समयानुसार सुबह 11 बजे होने जा रहा है। कैलिफोर्निया, अमेरिका से प्रो नीलू गुप्ता जी के अध्यक्षता में आयोजित […]

आगरा | विश्वशांति मानव सेवा समिति की द्वितीय वर्षगांठ पर सम्मान समारोह का आयोजन संजय पैलेस स्थित यूथ हॉस्टल में हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मेयर नवीन जैन रहे। विशिष्ट अतिथि डॉ जे एस बिंद, धर्मेंद्र लोधी, लेखराज सिंह, राजेंद्र सिंह अनिल जैन आदि रहे। इस अवसर पर समस्त अतिथियों […]

इंदौर। युवा दिवस के उपलक्ष्य में अतुल्य अकादमी एवं मातृभाषा उन्नयन संस्थान द्वारा आयोजित ‘तरुणाई’ युवा कवि सम्मेलन, स्थानीय देवपुत्र भवन, संवाद नगर में रविवार को 4 बजे से आयोजित होगा, जिसमें बतौर अतिथि साहित्य अकादमी के निदेशक डॉ. विकास दवे एवं स्टेट प्रेस क्लब, मध्यप्रदेश के अध्यक्ष प्रवीण खारीवाल […]

इंदौर। मकर संक्रांति के अवसर पर अभिनव कला समाज एवं स्टेट प्रेस क्लब, मध्यप्रदेश द्वारा सांघी मुक्ताकाश मंच, गांधी हॉल में शास्त्रीय गायन सभा का आयोजन किया। शास्त्रीय गायन सभा का आगाज़ ग्वालियर घराने के वरिष्ठ संगीत साधक पं. सुनील मसूरकर ने राग बागेश्वरी से किया। पं मसूरकर के गायन […]

प्रजातंत्र की ज्योति रेखा के रक्षक पत्रकार- सत्तन मन मेरा सीता है लेकिन उर्मिला-सी हो गई हूँ-नरेंद्रपाल ‘गीत गुंजन’ पुस्तक विमोचन एवं कवि सम्मेलन सम्पन्न राष्ट्रकवि सत्तन जी को ‘स्वर्णाक्षर सम्मान’ से किया सम्मानित इंदौर। ‘न इस पार वाले न उस पार वाले, ये आईना दिखाते हैं अख़बार वाले’ ऐसी […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।