नारी

0 0
Read Time50 Second

नहीं चाहिए उपहार बस एक दिन का
नहीं चाहिए मान बस एक दिवस
नहीं चाहिए शुभकामना बस एक दिवस
देना है तो दो
हमें मान सम्मान
समझ ईश्वर् की सृष्टि हर दिवस ।।
मत रौँधो समझ धूल पैरों तले अपने
मत करो प्रताड़ित दे पीड़ा
चाहे हो मानसिक या शारीरिक
मत समझो खिलौना भर
तन मन बहलाने को ।।
देना है तो दो
मान सम्मान पूरा हर दिवस
हूँ जननी, बेटी, बहू ,पत्नी,बहन
यूँ हर रिश्ते की हूँ संवाहिनी
मैं नारी सृष्टि की देन
हूँ अनमोल
बस समझ सको तो समझो मोल
बस मोल मेरा हर दिवस ।।

मीनाक्षी सुकुमारन
नोएडा

matruadmin

Next Post

राम रहे ना तुम नर प्यारे

Sat Apr 11 , 2020
राम रहे ना तुम नर प्यारे कैसे मैं सीता बन जाऊं? रावण हुए सहस्रों पल-पल अब मैं राम कहां से लाऊं।। मेरा भी अंतर्मन चाहे सच्ची प्रीत की रीत निभाते। बस मेरे नैनो से पीते दूजी ना मधुशाला जाते। तुम तो चाहो नित नई प्रीतें मैं जल-जल जोगन बन जाऊं। […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

आपका जन्म 29 अप्रैल 1989 को सेंधवा, मध्यप्रदेश में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर हुआ। आपका पैतृक घर धार जिले की कुक्षी तहसील में है। आप कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। आपने अब तक 8 से अधिक पुस्तकों का लेखन किया है, जिसमें से 2 पुस्तकें पत्रकारिता के विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध हैं। मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मातृभाषा डॉट कॉम, साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 21 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण उन्हें वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं और ख़बर हलचल न्यूज़ के संस्थापक व प्रधान संपादक हैं। हॉल ही में साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन संस्कृति परिषद्, संस्कृति विभाग द्वारा डॉ. अर्पण जैन 'अविचल' को वर्ष 2020 के लिए फ़ेसबुक/ब्लॉग/नेट (पेज) हेतु अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से अलंकृत किया गया है।