सुन्दर पावन धरा भारती

Read Time4Seconds

babulal sharma
.            ●◆●
जहाँ वतन हो प्राण से प्यारा,
● कफन तिरंगा चाहत है।
जगत गुरू की पदवी वाला,
● स्वर्ण पखेरू भारत है।
ज्ञान धर्म संदेश अहिंसा,
● दूर देश तक जाता है।
सुन्दर पावन धरा भारती,
● वीर सपूती माता है।

आओ साथी वंदन करलें,
● भारत की इस माटी का।
देश धरा पर प्राण समर्पित,
● करती मन परिपाटी का।
इंकलाब के गीत जहाँ पर,
● बच्चा बच्चा गाता है।
सुन्दर पावन धरा भारती,
● वीर सपूती माता है।

सूरज पहले किरणे देता,
● मातुल चन्द्र चमकता है।
देश प्रेम मे भरकर सबका,
● यौवन तेज दमकता है।
दिशा दिखाने ध्रुव तारा भी,
● उत्तर नभ में आता है।
सुन्दर पावन धरा भारती,
● वीर सपूती माता है।

सागर चरण वंदना करता,
● पल पल धोता चरणों को।
पावन नदियाँ याद दिलाती,
● मानव शुभ आचरणों को।
धरती गौ नदियों से अपना,
● माँ से बढ़कर नाता है।
सुंदर पावन धरा भारती,
● वीर सपूती माता है।

जिस रज को हम चंदन माने,
● पूजें पर्वत जलधर को।
अनदाता हम कह सम्माने,
● भारत के प्रिय हलधर को।
वरुण देव की कृपा जहाँ पर,
● इन्द्र मेघ बरसाता है।
सुन्दर पावन धरा भारती,
● वीर सपूती माता है।

वन वृक्षों का आदर करते,
● सब जीवों में रब मानें।
संसकार मर्यादा अपने,
● कर्तव्यों को पहचाने।
संविधान का मान यहाँ पर,
● हर अधिकार दिलाता है।
सुन्दर पावन धरा भारती,
● वीर सपूती माता है।

वीर नहीं खोते है धीरज,
● रिपुदल से नहीं घबराते।
भरत सरीखे बच्चे इसके,
● शेरों से भी भिड़ जाते।
इस पावन भू पर हर कोई,
● सच्चा आदर पाता है।
सुन्दर पावन धरा भारती,
● वीर सपूती माता है।

देवों को भी खूब सुहाई, ,
● भरतखण्ड की यह धरती।
आती यहाँ अप्सरा रहने,
● रूप सुहागिन का रखती।
परमेश्वर अवतार लिए तब,
● इसी भूमि पर आता है।
सुंदर पावन धरा भारती,
.        ● वीर सपूती माता है।

नाम– बाबू लाल शर्मा 
साहित्यिक उपनाम- बौहरा
जन्म स्थान – सिकन्दरा, दौसा(राज.)
वर्तमान पता- सिकन्दरा, दौसा (राज.)
राज्य- राजस्थान
शिक्षा-M.A, B.ED.
कार्यक्षेत्र- व.अध्यापक,राजकीय सेवा
सामाजिक क्षेत्र- बेटी बचाओ ..बेटी पढाओ अभियान,सामाजिक सुधार
लेखन विधा -कविता, कहानी,उपन्यास,दोहे
सम्मान-शिक्षा एवं साक्षरता के क्षेत्र मे पुरस्कृत
अन्य उपलब्धियाँ- स्वैच्छिक.. बेटी बचाओ.. बेटी पढाओ अभियान
लेखन का उद्देश्य-विद्यार्थी-बेटियों के हितार्थ,हिन्दी सेवा एवं स्वान्तः सुखायः

0 0

matruadmin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

चुनाव

Mon Apr 1 , 2019
ऐसा कुछ चुनाव होना चाहिए। एकता व सद्भाव होना चाहिए। झूठ फरेबी माया शोभित नहीं, ऐसा कुछ सुझाव होना चाहिए। कर्मठ,जुझार,मिलनसार,योग्य, इस अमल लगाव होना चाहिए। चुनावी न मतला सिर्फ प्रलोभन, इसपे सदा प्रभाव होना चाहिए। पर्चे घोषित करके छलावा नहीं, मुद्दे के प्रति छाव होना चाहिए। चुनाव का मतलब […]

You May Like

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।