सपने

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रातों की नींद,जब ख़्वाबों से टकराती है,
सपने,नींदों से समझौता कर आती हैl 

न जाने कैसा वो जूनून होता है,
न जाने कैसा वो सुकून होता हैl
न जाने वो कैसी कहानी लिख आती है,
मुकम्मल एक दास्तान हो जाती हैll 

पलक के फ़लक़,जुनूनीयत बन आती है,
कायनात भी तब,सिर झुकाती हैl
जुनूनीयत जब यकीन में तब्दील हो जाती है,
हर राह सिरहाने झुक आती हैll 

न जाने कैसी वो कशिश होती है,
न जाने कैसी वो खुशी होती हैl
हर ख्वाहिश जब,फ़रमाइश से उभर आती है,
हर गुजारिश,जब जिंदगी के अल्फ़ाज़ बयान कर जाती हैll 

यही है सपना,
जिसे बस बनाना है अपनाl
जो संवरती है पलकों पर,
उतरती है अश्कों परl
उभरती है यकीन पर,
और सजती है,जिंदगी के लफ्ज़ों पर…ll 

             #खुशबू कुमारी

परिचय:खुशबू कुमारी की जन्मतिथि-२० जनवरी १९९६ और जन्म स्थान-मैथन(धनबाद) हैl वर्तमान में आपका निवास एरिया न. ३ में मैथन डैम(धनबाद) के पास हैl झारखंड राज्य से सम्बन्ध रखने वाली खुशबू कुमारी ने गणित विषय से स्नातक की पढ़ाई की हैl लिखना आपकी पसंद का काम हैl 

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Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।