आज की नारी इतनी कमजोर

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sandhya

आज की नारी इतनी कमजोर

 नही जो झुक जायेगी।

करो चाहे पुरजोर जतन तुम,

नही वो रुक पायेगी।

दिल की सुंदरता कब भला,

तेजाब से खत्म हो पायेगी।

शक्ति रूप है नारी ,नही

मोंम जो पिघल जायेगी।

बंद करो तुम अब

जिस्मो का व्यापार चलाना।

नारी कोई वस्तु नही जो

बाजार में बिक जायेगी।

कब तक करोगे अब आनाकानी,

खत्म करो ये मनमानी।

तस्वीर देश की अब बदलेगी,

अब ना नारी जुल्म सहेगी।

कोई निर्भया अब ना मरेगी,

प्रचंड रूप चंडी का धरेगी।

दुष्टो के सर की भेंट चढ़ेगी,

अब घुँघट की ओट हटेगी।

जा सीमा पर युद्ध लड़ेगी,

अब ना नारी कमजोर बनेगी।

उड़ा वायु यान,अब (कल्पना)

 अंतरिक्ष की सैर करेगी।

कल तक थी जो बंद घरों में,

आज संसद का रुख करेगी।

खत्म करो अपनी राजनीति

अब नारी तुम पर राज करेगी।

इंदिरा गांधी,प्रतिमासिंह ,कल्पना चावला ,

सानिया मिर्जा, सानिया नेहवाल,

 गीता बबिता फोगोट भी नारी ही थी।

और कितने नाम सुनोगे,

नही कमजोर जो जुल्म सहेगी।।

#संध्या चतुर्वेदी

अहमदाबाद, गुजरात

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।