कन्या-दान

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ramesha kumar
माता-पिता के आँगन, प्रेम मिला खुशहाल,
खेलकूद कर हम, बचपन से पली।
मन में कपट न था, मिला मूझे आशीर्वाद,
रस्म-रिवाज विवाह, पूरा करने चली।
रंगा-रंग कार्यक्रम, बारात लेकर आये,
घर-द्वार सजा सब, सहनाईयाँ बजी।
कन्या-दान दिये पिता, किये अपने से जुदा,
नवाचार शुरुआत, करने आगे बढ़ी।
माता-पिता का जगह,सास-ससुर ले लिये,
व्यवहार छोड़ दिये,संस्कार नहीं मिला।
पति-प्रेम खोट भरा,उम्मीद न कोई भरा,
दहेज के दानवों ने, रिश्तों में दिया पिड़ा।
राक्षसी प्रवृत्ति लिये, ससूर नजर डालें,
गुहार करती रही, नहीं राहत मिला।
सास और पति पास,बात जब जिक्र किया,
तीनों जन मिलकर, आग हवाले किया।

#रमेश कुमार सिंह ‘रुद्र’ 

परिचय -:
➡ पूर्ण नाम~ रमेश कुमार सिंह 
➡साहित्यिक उपनाम~ ‘रुद्र’  
➡वर्तमान पता~  रोहतास बिहार -८२११०४
➡स्थाई पता~ कैमूर बिहार -८२११०५
➡पूर्ण शिक्षा~ डबल एम.ए. अर्थशास्त्र, हिन्दी एवं बी.एड.
➡कार्यक्षेत्र~ माध्यमिक शिक्षक बिहार सरकार
➡सामाजिक गतिविधि~ साहित्य सेवा के रुप में – साहित्य लेखन के लिए प्रेरित करना एवं सह सम्पादक “साहित्य धरोहर” अवध-मगध साहित्य मंच (हिन्दी)
“साहित्य सरोज पत्रिका” का प्रदेश प्रभारी (बिहार)
लेखन विधा~ छन्द मुक्त,नई कविता, हाइकु, गद्य लेखन मुख्य रुप से वैसे कुछ छन्दमय रचनाएँ भी करतें हैं 
➡ लेखनी का उद्देश्य~ हिन्दी भाषा का प्रचार-प्रसार करना, हिन्दी साहित्य की ओर समाज का झुकाव।
➡सदस्यता/सहयोग निधि~ कई साहित्यिक संस्थाओं में  वार्षिक, द्विवार्षिक चार वार्षिक सदस्यता प्राप्त।

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।