ओमप्रकाश क्षत्रिय ‘ प्रकाश ‘ क्रांतिधरा अंतरराष्ट्रीय साहित्य साधक सम्मान से सम्मानित

Read Time1Second

सुपरिचित बालसाहित्यकार ओमप्रकाश क्षत्रिय ‘प्रकाश’ को साहित्य सृजन, हिन्दी के प्रचार-प्रसार एवं बालसहित्य उन्नयन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए त्रिदिवसीय क्रान्तिधरा मेरठ साहित्यिक महाकुम्भ 2019 में आज दिनांक 20 नवम्बर 2019 को अंतरराष्ट्रीय हास्य कवि एवं शायर डॉ एजाज पॉपुलर मेरठी , श्री सरण घई ( कनाडा) , श्री कपिल कुमार (बेल्जियम ), श्री रामदेव धुरंधर ( मारीशस), श्रीमती जया वर्मा (ब्रिटेन), डॉ रमा शर्मा (जापान), डॉक्टर श्वेता दीप्ति नेपाल डॉ सच्चिदानंद मिश्र नेपाल आदि आदि देश-विदेश के मंचस्थ अतिथि साहित्यकारों के द्वारा #क्रांतिधराअंतरराष्ट्रीयसाहित्यसाधकसम्मान प्रदान किया गया। इस अवसर पर देश विदेश से पधारे हुए 200 से अधिक शब्द शिल्पियों की उपस्थिति में यह सम्मान प्रदान किया गया।

उल्लेखनीय है कि आप की बालकहानियाँ देश की प्रसिद्ध बाल पत्रिकाओं जैसे- नंदन, चम्पक, देवपुत्र, बाल किलकारी, हँसती दुनिया सहित कई पत्रपत्रिकाओं में प्रकाशित होती रहती हैं ।हाल ही में एक पुस्तक प्रकाशन की स्वीकृति प्रकाशन विभाग, भारत सरकार द्वारा प्रदान की गई है। आप को इस गौरवशाली सम्मान की प्राप्ति पर हार्दिक ईष्टमित्रों, पत्रकार बन्धु एवं साहित्यकार साथियों ने आप दोनों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी है।

0 0

matruadmin

Next Post

सुचिता

Thu Nov 21 , 2019
राजनीतिक सुचिता के लिए करना होगा एक नया काम संसद और विधानसभा में हो नियमित राजयोग का ध्यान सचिवालय -निदेशालय में भी सबको आदत डालनी होगी काम शुरू करने से पहले परमात्म साधना करनी होगी याद किसी को भी कर लो ईश्वर, अल्लाह, गॉड, सतनाम सबका मालिक वही एक है […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।