*गोबरधन*

Read Time4Seconds

babulal sharma
गोवर्धन पूजा करे, सब मिलकर के आज।
गोधन,पशुधन,सुरक्षा,खेत किसानी काज।
खेत  किसानी  काज, कृष्ण गोवर्धन धारे।
करी  सुरक्षा   मेह ,इन्द्र  जब  बरसे  भारे।
सैनिक खेत  किसान,हमे प्यारा हो गोधन।
पशुधन   को  दें  मान, करें पूजा  गोवर्धन।
🌞💫🌞💫🌞💫🌞💫🌞💫
दाल  चूरमा  बाटियाँ, गोबरधन   त्यौहार।
बने  सवाया भोज है, सधे सभी  व्यवहार।
सधे सभी व्यवहार,भोगअनकुट का खाते।
मिले बाँट जो खाय,वही परमपद को पाते।
राजा  हो  या  रंक, पूछें  आपस  में  हाल।
दीन  गरीबी  बैर, की गले नहीं  फिर दाल।
💫🌞💫🌞💫🌞💫🌞💫🌞
गोधन के मेंहदी लगा,कीजे खूब सिंगार।
चारा  पानी  दीजिए, करिये प्यार  दुलार।
करिए  प्यार  दुलार, रीढ़ है यही  हमारी।
पशुधन के सम्मान, टिकी है  खेती सारी।
अन्नदातार किसान,मनालो संग गोवर्धन।
दूध  दही  की  नदी, बहेगी  पूजे  गोधन।
🌞💫🌞💫🌞💫🌞💫🌞💫
खुशी  मिले हर  वर्ग को, ऐसा है  त्यौहार।
बची  बहुत  मिठाइयाँ, बचा  पटाखे  चार।
बचा  पटाखे  चार, बाँट   कर   ऐसे  खेलें।
मिटे  विषमता  बैर, लगे खुशियों  के मेले।
शर्मा  बाबू लाल , क्यों  करते  हँसी  गिले।
सृजिए ऐसे साज,ईश जन को खुशी मिले।
💫🌞💫🌞💫🌞💫🌞💫🌞
पर्व कृषक का आज है, कृष्ण संग गोपाल।
सारे  भारतवर्ष  में , धरा  पूत   महि   पाल।
धरा पूत  महि पाल,मिले  गोधन  को  चारा।
धानी  चूनर होय, धरा  खुश  पशु धन सारा।
खूब मने  त्यौहार, नहीं  हो पर्व  कसक का।
खुशियाँ मिले अपार,मने यों पर्व कृषक का।

नाम– बाबू लाल शर्मा 
साहित्यिक उपनाम- बौहरा
जन्म स्थान – सिकन्दरा, दौसा(राज.)
वर्तमान पता- सिकन्दरा, दौसा (राज.)
राज्य- राजस्थान
शिक्षा-M.A, B.ED.
कार्यक्षेत्र- व.अध्यापक,राजकीय सेवा
सामाजिक क्षेत्र- बेटी बचाओ ..बेटी पढाओ अभियान,सामाजिक सुधार
लेखन विधा -कविता, कहानी,उपन्यास,दोहे
सम्मान-शिक्षा एवं साक्षरता के क्षेत्र मे पुरस्कृत
अन्य उपलब्धियाँ- स्वैच्छिक.. बेटी बचाओ.. बेटी पढाओ अभियान
लेखन का उद्देश्य-विद्यार्थी-बेटियों के हितार्थ,हिन्दी सेवा एवं स्वान्तः सुखायः

0 0

matruadmin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

*मतदान हमारा नैतिक अधिकार* 

Fri Nov 16 , 2018
लोकतंत्र को सुदृढ़ बनाने के लिए हमें  अपना अधिकार और कर्त्तव्य जानना बहुत ही आवश्यक है । और इसकी पहली सीढ़ी है *मतदान* । पहले तो ये सुनिश्चित करना होगा की हमें मतदान प्रत्येक दशा में करना  है । तत्पश्चात यह तय करना होगा की किसको और क्यों अपना मत […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।