*निष्ठा*

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aditi rusiya
जब हम पूरी निष्ठा से काम करते हैं
सुकून सा मिलता है दिल को
अगर कोई कोर कसर रह जाए
तो एक टीस सी उठती है दिल में

प्रसन्नता तब होती है जब वह कार्य
सराहा जाए लोगों के द्वारा
निखार आ जाता है अपने आप मन में
प्रफुल्लित हो खिल उठता है मन अपने ही आप

मगर अक्सर देखा है लोगों को
जब किसी की सराहना ज़्यादा हो जाती है
तो वो भाती नहीं कुछ लोगों को
वो हमारी कर्मठता पे कसते हैं फबतियाँ

सहन नहीं कर पाते किसी को आगे बड़ता देख होती तकलीफ़ उनको
उठाए जाते फिर प्रश्न उनकी निष्ठा पे
हस्तक्षेप होता फिर उनका जारी

मगर वो क्या जाने जो क़ाबिल है वो क़ाबिल ही रहेगा चाहे
चाहे लाख बिछा लो काँटे राह में उनके
जिसे बढ़ना है वो बढ़कर रहेगा

हम ख़ुश हैं हमने जो कार्य किया
पूरी निष्ठा से ,लगन से, प्रेम से किया
एकता के सूत्र में बाँधा लोगों को
पाया प्यार और स्नेह सभी का

अब आगे बढ़ाया है एक क़दम हमने जो अपनी कामयाबी का
अब न रोक पाएगा ज़माना हमें
न रोक पाएँगी किसी की बातें अब

मिलकर किया गया कार्य हमेशा कामयाबी
दिलाता है संगठन में शक्ति होती बहुत
जब साथ हो अच्छे दोस्तों का
विजय तो निश्चित ही होती है

अदिति रूसिया
वारासिवनी

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।