शून्य में देखता हूं तो शून्य ही नज़र आता है आत्म स्वरूप में झांका तो स्वयं में स्वयं नज़र आता है अन्तःकरण में झांका तो परमात्मा नज़र आता है यानि जैसा हम चाहते है वैसा ही हम देखते है जैसा भी हम चाहते है वैसा ही हम कर सकते है […]
इन्दौर। भाषा एवं मानव मात्र की सेवा के लिए संकल्पित मातृभाषा उन्नयन संस्थान के प्रकल्प सेवा सर्वोपरि को ख़बर भड़ास एवं दैनिक लोकहित ख़बर के प्रधान संपादक जगदीश जोशी ‘प्रचण्ड’ द्वारा 125 बोतल (100ML) सेनेटाइज़र वितरण के लिए उपलब्ध करवाया गया। मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अर्पण जैन […]
