नवोदित कवि सुनील चौरसिया ‘सावन’ के काव्य संग्रह ‘हाय री! कुमुदिनी’ में संकलित रचनाएं एक ऐसा मधुकोश है जो उनके विविधवर्णी पुष्पों के पराग से निर्मित है। चूँकि कवि पेशे से शिक्षक हैं अत: उनकी प्रत्येक कविताओं में शिक्षा या उपदेश का आग्रह अनायास परिलक्षित होता है। पर्यावरण प्रेमी कवि […]
