आजकल मीडियाऔर सोशल मीडिया में चुनावी नतीजों के लेकर जितनी हलचल मची हुई है, उससे कहीं ज्यादा राष्ट्रीय राजधानी में बीते 30मई 2019 को हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके मंत्रिमंडल के शपथ समारोह में शपथ लेने के लिए ओडिशा में अपनी झोपड़ी से निकलते हुए कमज़ोर से दिखने वाले […]

सफ़ेद चादर पे सोने के सिक्के सफेद पहाड़ों की सर्द वादियों में तीखे नुकीले अकड़े से खड़े हरे पेड़ कोहरे की सफेद चादर और दूर टीले पे मेरा छोटा सा घर घर से करीब मील दूर सफ़ेद सी चादर पर चमकते हुए सोने के सिक्के बिखरे हुए सुनहरी सिक्कों की […]

जय – राम…..राम मौसी मौसी – अरे! जय बेटा ….राम- राम ….कहो कैसे आना हुआ ? जय – मौसी…बस यहाँ से गुज़र रहा था सोचा आपको एक खुशखबरी देता चलूँ। मौसी – खुशखबरी ….कैसी ख़ुशख़बरी बेटा ? जय – मौसी अपना जो वीरू है ना, वो जल्द ही बहुत बड़ा नेता बनने वाला है। मौसी – अच्छा! ….तो फिर इतना पूछना बनता […]

जब चाहा दिल को तोडा , जब चाहा दिल को लगाया पर जब लगा की तुम्हें हमसे मोहब्बत है , तुम्हारी बाँहों में किसी और को पाया जब चाहा दिल को तोडा , जब चाहा दिल को लगाया तुम कहते थे हमें ज़िन्दगी अपनी हमने भी सौंप दी , तुम्हें […]

दिल को बच्चा बनने देते है दिल की ख्वाहिशों को एक बार फिर से मचलने देते है आँखों में फिर से एक बार इक ख्वाब पलने देते है दुनिया की इस भीड़ में ज़रा- सा  सुकून पाने के लिए आओ इस दिल को इक बार फिर से बच्चा बनने देते […]

सुबह के अख़बार से लेकर रात के समाचार तक, पूरे दिन में एक ना एक बार एक शब्द कानों में सुनाई पड़ ही जाता है – धर्मान्तरण।  देश के हर कोने से एकाध जगह  सुनाई दे ही जाता है कि फलां फलां जगह इतने लोगों ने अपना धरम परिवर्तन किया। […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।