सत्य सूर्य सा अड़िग, सुन्दर है जग मर्त्य। मिश्रित यह संसार है,मिलते सत्य असत्य।। . 🌞🌞 ईश्वर ने सृष्टी रची, मानव के सब कृत्य। सृष्टा दृष्टा दुई भये, जग में सत्य असत्य।। . 🌞🌞 धरा सत्य का रूप है,लक्ष्मी जग में मिथ्य। दोनो आवश्यक हुए ,जानो सत्य असत्य।। . 🌞🌞 […]

सुबह के अख़बार से लेकर रात के समाचार तक, पूरे दिन में एक ना एक बार एक शब्द कानों में सुनाई पड़ ही जाता है – धर्मान्तरण।  देश के हर कोने से एकाध जगह  सुनाई दे ही जाता है कि फलां फलां जगह इतने लोगों ने अपना धरम परिवर्तन किया। […]

1. पृथ्वी पर चहुँ ओर है,सबहि आवरण सोय। पर्यावरण कहत उसे, मीत सुनो सब  कोय।। 2. क्षितिजलपावक है गगन,बहती साफ समीर। पर्यावरण  वही  बनत, जीवन  और  शरीर।। 3. पेड़ और वन बाग से , बिगड़े नहि ये साज। शुद्ध रहे पर्यावरण, करलो सब अस काज।। 4. खेत-खार  मैदान में , […]

चेतो राख की दबी चिंगारी, जलो अग्नि के शोलों.. अपने दिल के तिरंगे में केशर रंग तुम घोलो। व्यर्थ न जाए ये जवानी, आज गढ़ो तुम नई कहानी.. जहां तुम्हारा पाँव पड़े तो वहीं धरा पर निकले पानी। खोल आँख की पट्टी तुम, अपनी देश भक्ति तोलो.. अपने दिल के […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।