बह्र – 1222 1222 122 रद़ीफ – आया काफ़िया – आम। यहाँ पर आज कैसा नाम आया । कही कोई नही अब काम आया ।। सभी बैठे यहा पर मुह फुलाये । नही जब हाथ में तो दाम आया ।। नशे से हो गये मशहूर जो भी । पिये वो […]

प्रीत का ये इशारा हुआ। आज मेरा गुजारा हुआ।। आप बैठो सदा पास में। दूर कोई सितारा हुआ।। राह दिखती नही हैं हमें। आँख का नम नजारा हुआ।। वक्त की मार जिस पर पड़े। आज मौसम गवारा हुआ।। चाह उसकी नज़र का अभी। प्यार भाये पुकारा हुआ।। रोम में जो […]

आँखो को नम करके माता, स्वामी से यह बोली हैं। सोना चांदी पास नही हैं, ना ही चावल रोली हैं।। घर में नही हैं रूपया पैसा, हाल बहुत बेहाल हैं। पीले हाथ बेटी के कैसे, करूं यह बङा सवाल हैं।। मार नही सकता बेटी को, कैसे पीले हाथ करूं। लङके […]

घटना क्यों हैं घटती घटना, आज यहा संसार में। घर बाहर और बीच सड़क पर, खुद अपने परिवार में।। मासूमों की लाज लूटते, मानवता सरमाई हैं। बलात्कार से पीड़ित बेटी, मौत के मुंह में समाई हैं।। जान जानकर जान न पाई, सच्चाई व्यवहार में। घर बाहर और बीच सड़क पर, […]

इन्ही से आज ये श्रृष्टि अभी हैं। बेटी मात बहू बहिने सभी हैं। दुनिया का नाम रोशन किया। वीरांगना बन दर्शन दिया।। काम सारा यहा होता तभी हैं।। बेटी मात बहू बहिने सभी हैं।।1।। किस्मत तो सबकी होती हैं। फिर तो क्यों  बेटी  रोती हैं।। खुशियाँ चेहरों पर कभी कभी […]

बहर:- 122 122 122 122 रद़ीफ:- की। काफ़िया:- न। सुनाओ उसी को सुने बात मन की। दिखाओ जहाँ में रहे आस धन की।। खिलौना बना हैं मुसाफिर यहा का। न ठहरो वहा पर हिफाजत न तन की।। हरी डाल तोङे उसी को सजा दो। मिले नेक छाया जहाँ छाँव वन […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।