आजकल चारों ओर शादियों का माहौल चल रहा है । बहुत सारे ऐसे प्रेमी युगल होते है जो एक दूसरे से प्यार तो बेपनाह करते है , पर शादी के पवित्र बंधन में नहीं बंध पाते है  । ऐसे ही एक लड़की की शादी किसी दूसरे लड़के से हो जाती […]

आयो आयो रे वसंत फिर आयो रे खुशियों का संदेश फिर  लायो रे।। वसंत के आते ही मानव मन में  नवीन  चेतना का  संचार  होने लगता  हैऔर  आशाओं के फूल  खिलने  लगते हैअं।शिशिर की शीत से ठिठुरे हुए मन को जब वासंती उष्मा का मृदुल स्पर्श  प्राप्त  होता है तब […]

जगदम्बे माता की हम वन्दना करते  हैं हम अर्चना करते  हैं आराधना करते  हैं । तू सबकी  दुलारी मां भक्तो की प्यारी मां तू जग की  जननी  है  कष्टों की  हरणी है तेरे  आशीषों से हम पुलकित  होते  हैं । नादान तेरे बच्चे  पर मन के  हम   सच्चे हम भोले- […]

सावन – झूले मैके  याद दिलाते खुशियाँ  लाते सावन –  बाट जोहती हैं  बेटियाँ झूले का पाट मेघा गरजे झमाझम  बारिश धरा हरषे गायब हुआ पुराना वो सावन मनभावन रक्षा बन्धन संवेदना  का पर्व नेह  -बन्धन आओ  झूम लें पानी में  खूब भीगे घृणा  मिटाएं सावन- झूले बाबुल   याद आये […]

गूंज उठी हुंकार देश में, कश्मीर को हमें बचाना है। कश्मीर की चोटी पर , झंडा अपना फहराना है । निर्दोषों का खून बहाकर , लाशों पर महल सजाए हैं । औरों के चिराग बुझा कर , अपने घर दीप जलाए हैं। तुम्हारी हठधर्मिता को , अब हमें कफन पहनाना […]

सुनो सुनो रे भाई मद्यपान अंधियारा लाई जिस शरीर में यह पहुंच जाए, नाड़ी मंडल झंकृत हो जाए । नस नस खिंचाव बढ़ जाए, निष्क्रिय चेतना शून्य हो जाए । जीवन ऐसा अभ्यस्त हो जाए , बिन इसके तन सुध न पाए। नशे में ही सारे सुख पाए , सारी […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

आपका जन्म 29 अप्रैल 1989 को सेंधवा, मध्यप्रदेश में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर हुआ। आपका पैतृक घर धार जिले की कुक्षी तहसील में है। आप कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। आपने अब तक 8 से अधिक पुस्तकों का लेखन किया है, जिसमें से 2 पुस्तकें पत्रकारिता के विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध हैं। मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मातृभाषा डॉट कॉम, साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 21 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण उन्हें वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं और ख़बर हलचल न्यूज़ के संस्थापक व प्रधान संपादक हैं। हॉल ही में साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन संस्कृति परिषद्, संस्कृति विभाग द्वारा डॉ. अर्पण जैन 'अविचल' को वर्ष 2020 के लिए फ़ेसबुक/ब्लॉग/नेट (पेज) हेतु अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से अलंकृत किया गया है।